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राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन जैसे नामालूम संगठन को बनाया राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग समझना होगी जिम्मेदारी।

BySurendra Jain

May 9, 2019

खबर पक्की: 9 मई रतलाम,आज देश के सबसे बड़े और नंबर वन अखबार के रतलाम संस्करण में खबर छपी है की राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष बोले कि हम लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते हैं। जबकि हकीकत यह है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग एक संवैधानिक संस्था है जिसके अध्यक्ष माननीय सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज होते हैं जो वर्तमान में एचएल दत्तू है। एक नामालूम संगठन राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन नाम के एक नामालूम स्वयंभू अध्यक्ष जितेंद्र कुमार एक औसत दर्जे की होटल में पत्रकार वार्ता का आयोजन करते हैं जो पत्रकारों के सवालों का सही से जवाब भी नहीं दे पा रहा है उसको देश का नंबर वन अखबार जब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का अध्यक्ष बता देता है तो वह ना सिर्फ अपने स्वयं की प्रतिष्ठा अपने पाठकों का विश्वास और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग जैसी प्रतिष्ठित व संवैधानिक संस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है बल्कि अनजाने में इस तरह के फर्जी संगठनों को महिमामंडित करता है। अतः जब आप बड़े बन जाते है तो आप की जिम्मेदारी और भी बड़ी हो जाती है की आपके पाठक तक जो खबर पहुंच रही है वह एकदम सत्य हो क्योंकि आप की खबर पर लाखों करोड़ों पाठकों का विश्वास टिका है।

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