रतलाम। लोकसभा निर्वाचन 2019 के तहत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा नगदी तथा अन्य वस्तुओं की जब्ती और इन्हें छोड़े जाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया एवं नगदी रिलीज किए जाने के लिए समिति गठित की गई है। इस समिति के नोडल अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सोमेश मिश्रा है। इसकी संयोजक संयुक्त कलेक्टर श्रीमती लक्ष्मी गामड़ तथा सदस्यों के रूप में जिला कोषालय अधिकारी जी.एल. गुवाटिया एवं लेखा अधिकारी श्री रमेश मौर्य शामिल है।
समिति द्वारा पुलिस अथवा स्थैतिक निगरानी दल या उडऩदस्ते द्वारा की गई जब्ती के प्रत्येक मामले की अपनी ओर से जांच की जाएगी। जहां समितियां पाएगी कि मानक प्रचालन प्रक्रिया के अनुसार जब्ती के संबंध में प्राथमिकी, शिकायत दर्ज नहीं की गई है या जहां जब्ती किसी अभ्यर्थी या राजनैतिक दल या किसी निर्वाचन अभियान इत्यादि से जुड़ी हुई नहीं है तो वह ऐसे व्यक्तियों को जिनसे नगदी जब्त की गई थी को ऐसे नगदी रिलीज करने के बारे में इस आशय का स्पीकिंग आदेश जारी करने के पश्चात् रिलीज आदेश जारी करने के लिए तत्काल कदम उठायेंगे। इसके साथ ही सभी मामलों का अवलोकन करेंगे तथा जब्ती पर निर्णय लेंगे।
व्यय अनुवीक्षण के नोडल अधिकारी द्वारा नगदी रिलीज कने के संबंध में सभी प्रकार की सूचना का एक रजिस्टर संधारित किया जावेगा। यह रजिस्टर क्रमांकित और तिथिवार होगा तथा इसमें अवरूद्ध, जब्त नगदी की राशि और संबंधित व्यक्तियों को छोड़ दिये जाने की तारीख का विवरण होगा। यदि किसी व्यक्ति से कोई राशि जप्त की जाती है तो समिति द्वारा सप्ताह के प्रत्येक सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को जिला पंचायत कार्यालय में दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक बैठक आयोजित कर संबंधित राशि के दस्तावेज वेरीफाई करके सही पाए जाने पर राशि वापस स्वामी को लौटा दी जाती है। राशि के साक्ष्य संबंधी दस्तावेज उपज का बिक्री बिल अथवा बैंक दस्तावेज एटीएम पर्ची आदि हो सकते हैं जो राशि को प्रमाणित कर सकते है।
रिलीज की गई नगदी 10 लाख से अधिक है तो रिलीज किये जाने से पहले आयकर के नोडल अधिकारी को सूचित किया जावेगा। उडऩदस्ते, एसएसटी या पुलिस प्राधिकारियों द्वारा जब्त की गई नगदी आदि की जब्ती के सभी मामले तत्काल जिले में गठित उक्त समिति के संज्ञान में लाए जाएंगे और समिति उक्तानुसार तत्काल कार्यवाही करेगी। किसी भी परिस्थिति में जब्त की गई नगदी, जब्त की गई बहुमूल्य वस्तुओं से संबंधित मामले मालखाना या कोषागार में मतदान की तारीख के 7 (सात) दिनों से अनधिक समय के लिये तब तक लंबित नहीं रखे जायेंगे जब तक की कोई प्राथमिकी, शिकायत न दर्ज की गई हो।
नगदी रिलीज किए जाने के लिए समिति
