इंदौर. स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 के लिए देश के सबसे स्वच्छ शहरों की घोषणा बुधवार को दिल्ली में हुई। राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सबसे साफ शहरों की घोषणा की। इंदौर ने एक बार फिर ने नंबर-1 का ताज हासिल किया। इसके साथ ही इंदौर ने सफाई के मामले में हैट्रिक लगाई है। वहीं भोपाल को सबसे स्वच्छ राजधानी में प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में अहमदाबाद तो 5 लाख से कम आबादी वाले शहरों में उज्जैन पहले पायदान पर रहा।
स्वच्छता में नंबर वन का ताज राष्ट्रपति के हाथों महापौर मालिनी गौड़, निगमायुक्त आशीष सिंह, नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख अलीम, कंसल्टेंट असद वारसी ने दिल्ली ग्रहण किया। इंदौर के भोपाल और उज्जैन को भी नंबर वन का ताज मिला है। महापौर आलोक शर्मा ने जहां भोपाल तो महापौर मीना जोनवाल ने उज्जैन के लिए पुरस्कार ग्रहण किया। देश में अहमदाबाद को जहां 10 लाख से ज्यादा की आबादी वाले शहर के लिए तो उज्जैन को 5 लाख तक की आबादी वाले सबसे स्वच्छ शहर के लिए पुरस्कार दिया गया।
इन कारणों से तीसरी बार भी हम बने नंबर-1…
देश का पहला ऐसा शहर, जिसने ट्रेंचिंग ग्राउंड को पूरी तरह खत्म कर वहां नए प्रयोग शुरू कर दिए हैं।
100 प्रतिशत कचरे की प्रोसेसिंग और बिल्डिंग मटेरियल और व्यर्थ निर्माण सामग्री का कलेक्शन और निपटान।
कचरा गाडिय़ों की मॉनिटरिंग के लिए जीपीएस, कंट्रोल रूम और 19 जोन की अलग-अलग 19 स्क्रीन।
29 हजार से ज्यादा घरों में गीले कचरे से होम कम्पोस्टिंग का काम।
देश के पहले डिस्पोजल फ्री मार्केट। इसमें हाल ही में 56 दुकान को शामिल किया है।
पहला शहर, जहां लाखों लोगों की मौजूदगी के दो जीरो वेस्ट इवेंट हुए।
स्वच्छता सर्वेक्षण / इंदौर तीसरी बार नंबर वन बना, भोपाल सबसे साफ राजधानी, छोटे शहरों में उज्जैन ने मारी बाजी
