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राजस्थान: धौलपुर हाइवे पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, वाहनों में लगाई आग

BySurendra Jain

Feb 10, 2019

जयपुर। राजस्थान में तीन दिन से चल रहा गुर्जर आरक्षण आंदोलन रविवार को उग्र हो गया। धौलपुर में दिल्ली-मुबंई राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-3 को जाम करने के दौरान आंदोलनकारियों और पुलिसकर्मियों में झड़प हो गई। इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके जवाब में पुलिस ने भी हवाई फायरिंग की। इससे वहां अफरातफरी का माहौल बन गया। नाराज आंदोलनकारियों ने भीड़ ने तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इससे मौके पर तनाव के हालात बन गए।

राजस्थान के धौलपुर हाइवे पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद लोगों ने जाम लगा दिया और वाहनों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारी गुर्जर समुदाय द्वारा चलाए जा रहे आरक्षण आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।पांच फीसद आरक्षण की मांग को लेकर रेल की पटरियों पर बैठे गुर्जर आंदोलनकारियों और सरकार के बीच शनिवार शाम हुई पहले दौर की वार्ता में बात नहीं बनी। सरकार की ओर से वार्ता का न्योता लेकर पहुंचे मंत्री विश्वेंद्र सिंह को गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने साफ कर दिया कि वार्ता के लिए कोई प्रतिनिधिमंडल कहीं नहीं जाएगा। जो भी बात होगी, यहीं होगी। हमारा आंदोलन जारी रहेगी। इस बीच, दिल्ली-मुंबई ट्रैक बाधित होने से ट्रेनें प्रभावित रहीं। इससे यात्री परेशान रहे।

गौरतलब है कि बैंसला की अगुआई में गुर्जरों ने शुक्रवार को सवाईमाधोपुर के मलारना और नीमोदा स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था। इससे दिल्ली और मुंबई के बीच ट्रेनों की आवाजाही बंद हो गई और राजस्थान के अलावा दूसरे राज्यों में भी यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में मंत्री विश्वेंद्र सिंह और वरिष्ठ आइएएस अधिकारी नीरज के. पवन वार्ता का न्योता लेकर शनिवार शाम धरनास्थल पहुंचे।

विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि हम चाहते हैं कि गुर्जर समाज का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को जयपुर या ट्रैक के आसपास ही बातचीत के लिए आ जाए। इसके जवाब में बैंसला ने साफ कहा कि उनका कोई प्रतिनिधिमंडल कहीं नहीं जाएगा। जब केंद्र सरकार सात दिन में आर्थिक पिछड़ों को दस प्रतिशत आरक्षण दे सकती है तो हमें 14 साल से क्यों परेशान किया जा रहा है। सरकार से यहीं बात होगी। इसके बाद विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि इस मसले पर वह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात करेंगे। सरकार मामले में कानूनी राय भी ले रही है। हम अपना प्रस्ताव लेकर यहां आ जाएंगे।

इस बीच राजस्थान भाजपा ने कहा है कि सरकार मामले का जल्द हल निकाले, क्योंकि आंदोलन से जनता को परेशानी हो रही है। भाजपा सरकार में मंत्री रहे अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि हमारी सरकार ने गुर्जर आरक्षण के लिए काफी गंभीर प्रयास किए थे, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया।

आरक्षण की मांग को लेकर सवाईमाधोपुर के मलारना और नीमोदा स्टेशन के बीच ट्रैक पर बैठे गुर्जरों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। गुर्जरों ने रात पटरियों पर ही गुजारी और दिनभर ट्रैक रोके बैठे रहे। इस बार ट्रैक पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। आंदोलन का असर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी नजर आया। दौसा के सिकंदरा और जयपुर के कोटपूतली में भी गुर्जर महापंचायतें हुई। ट्रेन यातायात प्रभावित, यात्री परेशानआंदोलन के कारण दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक की 22 गाडि़यां प्रभावित हुई हैं। पांच एक्सप्रेस ट्रेनें कोटा नहीं आई। निजामुद्दीन-इंदौर, इंदौर-नई दिल्ली, देहरादून एक्सप्रेस सहित दो ट्रेनें रद कर दी गई।

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