नईदिल्ली। यदि आप नया बिजनेस शुरू करना चाहते है तो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार दवा कारोबार के क्षेत्र में आपके लिए बेहतर अवसर लेकर आई है। नए कारोबार के लिए खुद सरकार ही 2.5 लाख रूपए की ग्रांट देगी। नए बिजनेस से आप हर महीने 20 से 25 हजार रूपए तक कमा सकते है। जानिए वो कौन से 3 तरीके है जो आपको लाभ पहुंचा सकते है।
खोलिए अपना जनऔषधी केंद्र
यदि आप अपना जन औषधी केंद्र शुरू कर सकते है तो सरकार आपको 2.5 लाख रूपए तक की ग्रांट दी जाएगी। सरकार मेडिकल स्टोर खोलने के लिए 1 लाख रूपए तक की दवाईयां मुफ्त भी उपलब्ध करवाएगी। सेंटर शुरू करने वालों को पहले दवा खरीदना होगी बाद में सरकार हर महीने की कुल सेल पर अलग से इंसेटिव देकर 1 लाख रूपए तक रीइंबर्स करेगी। दुकान शुरू करने के लिए फर्नीचर आदि बनाने में भी 1 लाख रूपए तक का खर्च भी सरकार 6 महीने की अवधि में वापस करेगी। कंप्यूटर व अन्य सेटअप के लिए भी सरकार ही 50 हजार रूपए तक मुहैया कराएगी।
कमिशन से होगा हर महीने फायदा
केंद्र सरकार जनऔषधी केंद्र योजना के तहत आपको हर महीने दवाओं की सेल पर 20 प्रतिशत तक कमिशन देगी। हर महीने जितनी सेल होगी, उतना ही मुनाफा आपको होगा। रिटेलर्स केवल कमिशन से ही हर महीने 30 हजार रूपए तक कमा सकते है।
डिस्ट्रीब्यूटर बनकर भी कमा सकते है लाभ
जन औषधी केंद्रो के लिए सरकार ने प्रत्येक राज्य में डिस्ट्रीब्यूटर्स की नियुक्ति भी शुरू की है। आप इसके लिए भी आवेदन कर सकते है। आपको अपने एरिया में 15 दवा दुकानें खुलवाना होगी, इसके लिए होलसेल ड्रग लाइसेंस होना अनिवार्य शर्त है। यदि आपको डिस्ट्रीब्यूटर शिप मिल जाती है तो आप हर महीने लाखों रूपए तक कमा सकते है।
बिना जनऔषधि खोले ऐसे बन सकते हैं डिस्ट्रीब्यूटर
आवेदन करने के लिए आपके पास होलसेल ड्रग लाइसेंस होना चाहिए। वैट रजिस्ट्रेशन किसी फार्मास्युटिकल कंपनी का कम से कम 3 साल से डिस्ट्रीब्यूटर होना जरूरी है। साथ ही कम से कम दो फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए देश भर में आपरेशन करना जरूरी है। डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में कंपनी का छोटे शहरों में सालाना टर्नओवर कम से कम 1 करोड़ और मेट्रो शहरों में 2.5 करोड़ रुपए का टर्नओवर होना जरूरी है।अधिक जानकारी के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं http://janaushadhi.gov.in/tender/
जनऔषधि योजना में बनें एजेंट
सरकार जनऔषधि योजना के तहत पूरे देश में एजेंट (क्लीयरिंग एंड फारवर्डिंग) बना रही है। सरकार का उद्देश्य है कि अच्छी क्वालिटी वाली सस्ती दवाओं की मेडिकल स्टोर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर्स तक सप्लाई में किसी तरह की परेशानी न होने पाए। योजना के तहत एजेंट बनने वालों को 30 हजार रुपए मंथली इनकम की गारंटी दी जा रही है। एक एजेंट महीने में अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक इनकम कर सकता है।
कैसे होगा मुनाफा
एजेंट के लिए अगर आप चुने जाते हैं तो अपकी इनकम मंथली बेसिस पर तय की जाएगी। हालांकि सरकार मिनिमम 30 हजार रुपए मंथली इनकम की गारंटी दे रही है। यानी आपकी मंथली सेल किसी वजह से तय लिमिट से कम भी रह जाती है तो 30 हजार रुपए पेमेंट दिया जाएगा। वहीं, 30 लाख तक मंथली टर्नओवर पर यह कमीशन कुल सेल का 3 फीसदी होगा। 30 से 60 लाख तक के टर्नओवर पर कमीशन 2.75 फीसदी होगा। वहीं, 60 लाख से ज्यादा मंथली टर्नओवर करने वालों को 2.5 फीसदी यानी 1.5 लाख रुपए तक मंथली कमीशन मिल सकता है। योजना के तहत एजेंट को अपने-अपने एरिया में सप्लाई होने वाले दवाओं, सर्जिकल उपकरणों व अन्य उपकरणों की स्टॉकिंग करनी होगी। क्लीयरिंग के बाद उस एरिया में मौजूद डिस्ट्रीब्यूटर्स, जन औषधि केंद्रों और अस्पतालों तक कम से कम समय में दवाओं की सप्लाई करनी होगी। ध्यान रखना होगा कि सेंटर्स पर दवाओं की कमी न होने पाए। दवाओं के स्टॉक और उनकी सप्लाई के बारे में रोजाना की रिपोर्ट बीपीपीआई को देनी होगी। हर डिस्ट्रीब्यूटर्स से पेमेंट कलेक्ट कर उन्हें बीपीपीआई के बैंक अकाउंट में जमा कराना होगा।
एजेंट बनने के लिए क्या होगा जरूरी
आपके पास कम से कम 5000 वर्गफीट का कमर्शियल स्पेस होना जरूरी है।आपके पास बेहतर स्टोरेज फैसिलिटी होनी चाहिए।दवा के क्षेत्र में कम से कम 1 साल का काम करने का अनुभव होना जरूरी है। इससे जुड़े डॉक्युमेंट्स देने होंगे।1.5 करोड़ तक एनुअल सेल टर्नओवर वालों को वरीयता दी जाएगी।ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत आप पर किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए।
कैसे कर सकते हैं आवेदन
आवेदन के लिए आपको सरकार की janaushadhi.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा, जहां एक विकल्प गाइडलाइन्स का होगा।वहां आवेदन के लिए फॉर्म का फॉर्मेट आपको मिल जाएगा। फॉर्म में मांगी गई जानकारी को भरने के बाद उसे ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर (A&F) के नाम से भेजना होगा। ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया का एड्रेस जनऔषधि की वेबसाइट पर मिल जाएगा।
