खबर पक्की: आलोट विधायक मनोज चावला और कांग्रेस नेता वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने आज भोपाल में सीएम कमलनाथ से मुलाकात कर जावरा कुंदन कुटीर बाल आश्रय गृह यौन शोषण मामले में कई रसूखदार नेताओं अफसरों के शामिल होने की आशंका व्यक्त करते हुवे इस मामले में नाबालिग पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिये उच्चस्तरीय जाँच की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया की शासन से अनुदान प्राप्त कर किस तरह उसे गरीब और निराश्रित बालिकाओ के ऊपर खर्च नही कर अपनी निजी अय्याशीयो के लिए उक्त रकम खर्च की जाती थी और लड़कियों की मजबूरी का फायदा उठा कर कुटीर के कर्ता धर्ता उनसे मजदूरों की तरह काम करवाने के साथ साथ उनकी कम उम्र और मासूमियत का फायदा उठा कर उनका यौन शोषण करते थे। यही नही ऐसे आश्रय गृह की देखभाल के लिये रखे जाने वाले स्टाफ में शामिल हंसा पाठक जो की 7 महीने रतलाम जेल और 13 दिन भेरू गढ़ जेल में रही को पुलिस ने कैसे आश्रय ग्रह में नियुक्ति के लिये वेरीफाई कर दिया यह भी साबित करता है की जिम्मेदारों ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नही निभाई। अगर 5 लड़किया भाग कर मन्दसौर नही गई होती तो पता नही यह जघन्य खेल कब तक उजागर नही होता इसलिए इस मामले में शामिल सत्ता से जुड़े ताकतवर लोगो व् अधिकारियो के नाम सामने लाने के लिये उच्चस्तरीय जांच जरुरी है।
