नई दिल्ली। मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आज आखिरी बजट पेश किया जा रहा है। अरुण जेटली की अनुपस्थिति में पीयूष गोयल बतौर वित्त मंत्री इसे पेश कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव की वजह से इस बार अंतरिम बजट (वोट ऑन अकाउंट) पेश किया जा रहा है। इसमें नए वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीने के खर्च के लिए संसद से मंजूरी ली गई है। 1948 से चुनावी साल में अंतरिम बजट की परंपरा जारी है। लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी। आर्थिक सर्वेक्षण भी जुलाई में ही पेश किया जाएगा।
कर्मचारी
”सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद उसकी सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू किया गया। नई पेंशन स्कीम में सरकार के योगदान को 4 प्रतिशतन से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है। जो लोग 21 हजार रुपए प्रतिमाह कमाते हैं उन्हें बोनस मिलेगा। यह बोनस 7 हजार रुपए किया है। ग्रैच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की गई है। हर श्रमिक के लिए न्यूनतम पेंशन अब एक हजार रुपए हो चुकी है।ÓÓ
कामगार
”घरेलू कामगारों को भी सामाजिक सुरक्षा देने की जरूरत है। आयुष्मान भारत और जीवन ज्योति बीमा और सुरक्ष योजना के अलावा हम प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना ला रहे हैं। उन्हें 60 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद तीन हजार रुपए प्रति महीने की पेंशन मिलेगी।ÓÓ
”सरकार श्रमिक के पेंशन अकाउंट में बराबर का योगदान देगी। असंगठित क्षेत्रों के लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इस स्कीम के लिए 500 करोड़ रुपए देंगे। इससे ज्यादा का प्रावधान भी दिया जाएगा।ÓÓ
किसान
”हमारे मेहनती किसानों को फसलों का पूरा मूल्य नहीं मिलता था। हमारी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए इतिहास में पहली बार सभी 22 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक निर्धारित किया है। देश के मेहनती किसानों ने पिछले साढ़े चार साल में रिकॉर्ड खाद्यान्न पैदा किया है। किसानों को व्यवस्थित इनकम सपोर्ट देने की जरूरत है। छोटे और सीमांत किसानों की आमदनी सुनिश्चित कराने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की ऐतिहासिक योजना हमने मंजूर की है। दो हेक्टेयर (करीब 5 एकड़) तक की जमीन रखने वाले किसानों को उनकी आमदनी में सपोर्ट करने के लिए 6000 रुपए प्रति वर्ष के हिसाब से देने का निर्णय हमने किया है। ”6000 रुपए प्रति वर्ष की रकम सीधे किसानों के खाते में जाएगी। यह रकम दो-दो हजार रुपए की तीन बराबर किश्तों में दी जाएगी। योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। करीब 12 करोड़ किसानों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।ÓÓ
”यह योजना 1 दिसंबर 2018 से ही लागू होगी। दो हजार रुपए की पहली किस्त जल्द ही किसानों की सूचियां बनाकर उनके खातों में डाली जाएगी। इस कार्यक्रम का अनुमानित खर्च 75 हजार करोड़ रुपए होगा जो केंद्र सरकार वहन करेगी। हम 20 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान मौजूदा वित्त वर्ष के लिए कर रहे हैं। अगले वर्ष के लिए 75 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव रख रहे हैं।ÓÓ
”हमारी सरकार ने तय किया है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने वाले सभी किसानों का 2त्न ब्याज और समय पर कर्ज लौटाने पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज माफी का फायदा मिलेगा। इस तरह उन्हें ब्या में 5 फीसदी की छूट मिलेगी।ÓÓ
”दुनिया के मत्स्यपालन में भारत की हिस्सेदारी 6.8 फीसदी है। हमने मछली पालन का एक अलग विभाग बनाने का फैसला किया है। पशुपालन और मछली पालन करने वाले किसानों को भी क्रेडिट कार्ड के जरिए लिए जाने वाले कर्ज के ब्याज में दो फीसदी ब्याज की छूट दी जाएगी। इस तरह सभी किसानों को एक जैसा दर्जा मिलेगा।ÓÓ
स्वास्थ्य
21 एम्स विकसित किए जा रहे हैं। 14 शुरू हो चुके हैं। आज यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 22वां एम्स हरियाणा में शुरू होने जा रहा है।
”पहले व्यक्ति इस धर्मसंकट में होता था कि वह रोजमर्रा की जरूरत पूरी करे या बचत करे। हमने दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर योजना आयुष्मान भारत लागू की ताकि देश के 50 करोड़ लोगों को हेल्थ कवर मिले।ÓÓ
गांव-गरीब
हमने लगभग हर घर को बिजली का मुफ्त कनेक्शन दिया है। मार्च 2019 तक सभी परिवारों को बिजली का कनेक्शन मिलेगा। हमने मिशन मोड में निजी क्षेत्र सम्मिलित करते हुए 143 करोड़ बल्ब उपलब्ध कराए हैं। इससे सालाना 50 हजार करोड़ रुपए मूल्य की बिजली की बचत होगी। ÓÓ
पांच साल में हमने 1.53 करोड़ घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए। यह पहले के मुकाबले पांच गुना है। 2014 तक ढाई करोड़ परिवार बिना बिजली के थे।
”गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को सस्ते दाम पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए 2018-19 में एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किया गया। 2013-14 में मात्र 92 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।मनरेगा के लिए भी 60 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।ÓÓ
”देश के संसाधनों पर पहला अधिकार गरीबों का है। सरकार ने एसटी-एसटी और ओबीसी के कोटे को बरकरार रखते हुए गरीबों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी का आरक्षण सुनिश्चित किया है। इन संस्थानों में लगभग दो लाख सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि किसी भी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों में कमी न आए।ÓÓ
”2019 में हम स्वच्छ भारत मिशन चलाएंगे। 5.45 लाख गांवों को खुले में शौच से मुक्त करार दिया गया है। हम लोगों की मानसिकता बदलने में कामयाब रहे हैं।ÓÓ
भ्रष्टाचार नियंत्रण
”हम पारदर्शिता के नए दौर में चले गए हैं। हमने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाई। रेरा कानून और बेनामी ट्रांजैक्शन एक्ट से रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता आई है। भगोड़े आर्थिक अपराधी अब बच नहीं सकते।ÓÓ
”पहले सिर्फ छोटे बिजनेसमैन पर कर्ज चुकाने का दबाव रहता था। अब बड़े कारोबारियों को भी कर्ज लौटाने की चिंता रहती है। तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज रिकवर हो चुका है। सरकारी बैंकों की भलाई है कि 2.6 लाख करोड़ रुपए का रि-कैपिटलाइजेशन किया गया है।ÓÓ
वित्त मंत्री ने कहा, ”हमने जीएसटी लाकर सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बैंकिंग क्षेत्र में सुधार लाए गए हैं। 2008 से 2014 का समय कर्ज के क्षेत्र के लिए अच्छा नहीं रहा। सरकारी बैंकों की नॉन परफॉर्मिंग असेट्स उस कार्यकाल में बढ़ गई थीं। ये 2014 में 5.4 लाख करोड़ थीं। हमारी सरकार में यह दम था कि हम आरबीआई को कहें कि इन सभी कर्जों को देखें और बैंकों की सही स्थिति देश के सामने रखें।ÓÓ
महंगाई-आर्थिक विकास
”हमारी सरकार ने कमरतोड़ महंगाई की कमर ही तोड़ दी। हम महंगाई दर को 4.6त्न तक ले आए। यह किसी भी सरकार के कार्यकाल की तुलना में कम था। दिसंबर 2018 में सिर्फ 2.19त्न महंगाई दर रही। अगर हम महंगाई काबू में नहीं करते तो हमारे परिवारों को 35 से 40त्न अतिरिक्त खर्च करना पड़ता। सात साल पहले की तुलना में वित्तीय घाटा भी हमने कम किया है। करंट अकाउंट डेफिसिट भी जीडीपी का 2.5त्न रह गया है।ÓÓ
”पिछले पांच साल में जीडीपी किसी भी सरकार के कार्यकाल की तुलना में ज्यादा रही है। आज हम दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। हमने डबल डिजिट इन्फ्लेशन को काबू किया। इन्फ्लेशन एक प्रकार का छुपा हुआ टैक्स होता है। यह कभी 10.1त्न था।ÓÓ
”हम 2020 तक न्यू इंडिया बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। हम सभी के लिए शौचालय, पानी, बिजली, घर होने के भारत की संकल्पना कर रहे हैं। किसानों की आय दोगुनी होगी और देश आतंकवाद से मुक्त होगा। पिछले पांच साल में भारत ग्लोबल इकोनॉमी में छाया रहा। हम दुनिया में आज सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं।ÓÓ
पीयूष गोयल ने बजट भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, ”मैं अरुण जेटली की अनुपस्थिति को लेकर चिंतित हूं। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। जनता ने हमें मजबूत जनादेश दिया था। प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमने निर्णायक, बेदाग सरकार दी है। हम देश को पॉलिसी पैरालिसिस से बाहर लाए हैं।ÓÓ
5 एकड़ तक के किसानों के खाते में हर साल 6000 रु डाले जाएंगे, ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए, इस साल लोकसभा चुनाव की वजह से पूर्ण बजट की जगह अंतरिम बजट
