खबर पक्की : सुप्रीम कोर्ट ने डांस बार की वैधता के मामले में एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नियमों में बदलाव के साथ डांस बार को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि डांस बार में पैसे और सिक्के न उछाले जाए। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा 2016 में लागू किया गया कानून सही है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि डांस बार में किसी भी तरह की अश्लीलता नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने डांस बार को लेकर पहले से तय की गई सजा के प्रावधान को भी सही बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बार बालाओं को टिप देना कही से भी गलत नहीं। कोर्ट ने डांस बार में शराब परोसने को भी सही बताया है। साथ ही कोर्ट ने स्कूल और धार्मिक संस्थाओं से एक किलोमीटर के दायरे मे रखने के सरकार के आदेश को रद्द कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समय के साथ अश्लीलता की परिभाषा भी बदल गई है। कोर्ट ने कहा कि पुरानी फिल्मों में चुंबन और प्यार भरे दृश्यों के लिए दो फूलों का मिलना और दो पक्षियों का चहचहाना दिखाया जाता था। डांस बार मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनका लाइसेंस रिन्यूवल नहीं हो रहा है। नए लाइसेंस भी नहीं मिल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही मुंबई में वापस डांस बार खुलने का रास्ता प्रशस्त हो गया है।
मुंबई में फिर से खुलेंगे डांस बार: सुप्रीम कोर्ट
