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इनोवेशन वही जो दैनिक जीवन को सरल बना दे : कलेक्टर

BySurendra Jain

Jan 2, 2019

इंस्पायर अवॉर्ड्स में 352 मॉडल प्रदर्शित
रतलाम। बाल वैज्ञानिकों मैं प्रतिभा की कमी नहीं है। यही भविष्य के वैज्ञानिक है। इन्हें अपने भीतर छिपी ऊर्जा को बाहर लाने का मौका दें। बाल वैज्ञानिक इस बात पर ध्यान दें की ऐसी दैनिक गतिविधि जो आपके जीवन को सरल बना दे वही इनोवेशन है, वही नवाचार है।
उक्त विचार कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिला स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन की सराहना की और विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित किए गए उत्साह को रतलाम जिले के लिए प्रेरणादायी बताया। कलेक्टर ने कहा कि अंग्रेजी में एक शब्द होता है डिक्लेटर, इसका अर्थ होता है अपने दिमाग से कचरे को साफ करना। जब कोई विद्यार्थी अपने दिमाग से अनावश्यक बातों को हटाता है तो उसके भीतर अच्छे आइडिया से आते हैं। रतलाम से इतने अधिक आइडिया सिलेक्ट हुए यह इस बात का द्योतक है कि आप में कुछ करने की क्षमता है।
जिला पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि भारत में विज्ञान गतिविधियों और शोध कार्य को लेकर अभी काफी गुंजाइश है। स्कूल में बच्चों को यदि इन गतिविधियों के साथ प्रोत्साहित किया जाता है तो निश्चित रूप से भविष्य बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक, बच्चों के मौलिक विचारों को सामने आने दें। कॉपी- पेस्ट में विश्वास न रखें। दैनिक कार्यों में उपयोग आने वाली वस्तुओं को अपने तरीके से बेहतर बनाने के लिए विचार करें। तभी आप किसी नई तकनीक या नए यंत्र का निर्माण कर पाएंगे। उन्होंने रतलाम में विज्ञान के लिए निर्मित वातावरण को सुखद बताया। जिला पंचायत सीईओ सोमेश मिश्रा ने भी इस अवसर पर विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं दी। एन. आई. एफ. अहमदाबाद के रईस शेख ने इस अवसर पर कहा कि इंस्पायर अवॉर्ड्स 10 से 32 वर्ष तक के विद्यार्थियों को अलग-अलग स्तरों पर प्रोत्साहित करता है। मानक स्तर पर नन्हें वैज्ञानिकों को आगे बढऩे के लिए यह आयोजन होता है। इसके बाद आगे भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का क्रम जारी रहता है। उन्होंने रतलाम में इंस्पायर गतिविधियों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ संजय वाते ने कहा कि इंस्पायर अवार्ड योजना बच्चों की मौलिक अभिरुचि को बढ़ाने के लिए है। विद्यार्थी इससे जुड़ें और अपनी जिज्ञासा को कायम रखें। रतलाम जिला इस योजना में आगे है, यह सुखद है।
रतलाम के आइडियाज प्रदेश में अव्वल
प्रारंभ में जिला शिक्षा अधिकारी अमर वरधानी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए बताया कि रतलाम जिले में इस वर्ष 816 आईडियाज दिए गए थे जो प्रदेश में सर्वाधिक थे। इनमें से 466 आईडियाज चयनित हुए और प्रदर्शनी में 352 प्रतिभागियों द्वारा मॉडल प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बच्चों को मॉडल्स बनाने के लिए 10 हजार रुपए प्रदान किए जाते हैं जो वह अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में मॉडल के निर्माण पर व्यय करते हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी दो दिवसीय है तथा इस दौरान विद्यार्थियों के आवास तथा भोजन की व्यवस्था भी यहीं की गई है। प्रदर्शनी 3 जनवरी को भी अवलोकनार्थ उपलब्ध रहेगी।
बच्चों ने बनाए प्रभावी मॉडल्स
इंस्पायर्ड अवॉर्ड्स प्रदर्शनी में जिले के 352 प्रतिभागियों ने अपने मॉडल्स प्रदर्शित किए। इंस्पायर अवॉर्ड मानक राष्ट्रीय आकांक्षा और ज्ञान को बढ़ाते नन्हे वैज्ञानिकों पर केंद्रित है, जिसे यहां प्रदर्शित मॉडल्स ने साबित किया। बच्चों ने हाइड्रोलिक इंजन, स्टेप इंडिकेटर, सोलर एनर्जी उपकरण, ऊर्जा के बचाव की तकनीक, जल ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में रूपांतरित करने की तकनीक एवं अन्य विषयों पर प्रभावी मॉडल्स प्रस्तुत किए तथा अतिथियों के समक्ष अपने मॉडल्स की व्याख्या भी की। कार्यक्रम का संचालन श्री गजेंद्र सिंह राठौर ने किया एवं आभार उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य श्री सुभाष कुमावत ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग एवं जनजाति कार्य विभाग के अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।

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