खबर पक्की: क्या देश के हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज बेईमान है ? जी हां सवाल सुनकर आप भी चौंक गए होगे किंतु कल लखनऊ में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अखिल भारतीय अधिवक्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जो बात कही उससे तो यही ध्वनित होता है कि देश के हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज बेईमान है। उन्होंने कहा कि एनजेएसी के मुद्दे पर हमने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को माना लेकिन फिर भी हम उनसे असहमत हैं और हमारे मतभेद है। रविशंकर ने कहा कि यह कानून हमने संसद में पारित किया था 50 परसेंट से ज्यादा राज्यों ने इस पर अपनी सहमति दी थी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ तम जज क्रमांक 1,2,3, इसके सदस्य थे इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने एनजेएसी एक्ट को खारिज कर दिया हम न्यायपालिका में एससी-एसटी को आरक्षण देना चाहते हैं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री न्यूक्लियर बम का बटन दबा सकता व सरकार का प्रमुख होता है किंतु ईमानदार जज नियुक्त नहीं कर सकता हमें लगता है कि एनजेएसी मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला असंवैधानिक है केंद्रीय मंत्री रविशंकर के इस बयान से लगता है कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जो जज नियुक्त किए जा रहे हैं वे ईमानदार नहीं है वहीं दूसरी और रविशंकर ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सबसे ज्यादा जजों की नियुक्ति हमारी सरकार ने की है एक तरफ रविशंकर जजों की इमानदारी को कटघरे में खड़ा कर रहे है दूसरी तरफ सबसे ज्यादा नियुक्तियों की बात करते हुए बता रहे हैं की सबसे ज्यादा जजों को हमने नियुक्त किया है अब इनके द्वारा नियुक्त जज ईमानदार है या बेईमान ये तो ये ही बता सकते है क्योंकि ये खुद ही कह रहे है के प्रधानमंत्री न्यूक्लियर बम का बटन दबा सकता है लेकिन ईमानदार जज नियुक्त नहीं कर सकता।
