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टीम गहलोत की हुई ताजपोशी, 23 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, ऐसे तय हुए नाम

BySurendra Jain

Dec 24, 2018

जयपुर। राजस्थान में मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल का विस्‍तार हो गया है। मंत्रिमंडल विस्तार में 23 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। मंत्रिपरिषद में 22 कांग्रेसी विधायक और राष्ट्रीय लोकदल के एक विधायक को जगह दी गई है। इनमें 13 कैबिनेट व 10 राज्यमंत्री हैं। राजभवन में राज्यपाल कल्याण सिंह ने सभी को शपथ दिलाई। तीन दिन चले मंथन के बाद राजस्थान का मंत्रिमंडल तय हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ चर्चा के बाद 23 मंत्री तय किए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के शपथ लेने के एक सप्ताह बाद आज 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है।

कैबिनेट मंत्री
केकड़ी विधायक रघु शर्मा, झोटवाड़ा से लालचंद कटारिया, अंता से प्रमोद जैन भाया, बायतू से हरीश चौधरी, सुजानगढ़ से मास्टर भंवरलाल मेघवाल, चित्तौड़गढ़ से उदयलाल आंजना, पोकरण विधायक सालेह मोहम्मद भी कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। बीडी कल्ला (बीकानेर), शांति धारीवाल (कोटा उत्तर), परसादी लाल (लालसोट), रमेश मीणा (सपोटरा), प्रताप सिंह (सिविल लाइंस), विश्वेंद्र सिंह (डीग-कुम्हेर) को भी मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है।

राज्यमंत्री 
लक्ष्मणगढ़ (सीकर) विधायक गोविंद सिंह डोटासरा, सिकराय से ममता भूपेश, बांसवाड़ा से अर्जुन बामनिया, कोलायत से भंवर सिंह भाटी, सांचौर से सुखराम विश्नोई, हिंडौली से अशोक चांदना, अलवर ग्रामीण से टीकाराम जूली, वैर से भजनलाल जाटव, कोटपूतली से राजेन्द्र यादव और गठबंधन दल आरएलडी के भरतपुर से विधायक सुभाष गर्ग ने भी शपथ ली है। ये सभी राज्यमंत्री या स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री हैं।

ये पहली बार बने मंत्री 
रघु शर्मा, लाल चंद, विश्वेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, रमेश मीणा, प्रताप सिंह, उदयलाल आंजना, सालेह मोहम्मद, गोविंद डोटासरा, ममता भूपेश, अर्जुन बामनिया, भंवर सिंह, सुखराम विश्नोई, अशोक चांदना, टीकाराम जूली, भजनलाल, राजेन्द्र यादव, सुभाष गर्ग, पहली बार ये 18 मंत्री बनेंगे।

सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल के गठन के लिये आयोजित बैठकों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे, कांग्रेस के पर्यवेक्षक के सी वेणुगोपाल और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी भी शामिल थे। कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर सियासी समीकरण बैठाने की कोशिश की है।

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