खबर पक्की: रतलाम जिले के आलोट में सत्तारूढ़ पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए विद्युत विभाग हरचंद कोशिश कर रहा है मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने के बावजूद भी आचार संहिता का उल्लंघन धड़ल्ले से हो रहा है । ऐसे ही आलोट क्षेत्र एवं रतलाम जावरा ताल सभी जगह मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों व एसटीसी विभाग का बड़ा हाथ इसमें दिखाई दे रहा है अनुदान कार्य व अतिरिक्त ट्रांसफार्मर हेतु 14 नवम्बर को आमंत्रित टेंडर को भरने की अंतिम तारीख 20 नवम्बर थी लेकिन बड़ी बात तो यह है की यह सभी कार्य जो इस योजना के अंतर्गत आने वाले हैं वह आज से पहले ही हो चुके हैं लेकिन आचार संहिता के बावजूद भी कार्य बगैर टेंडर के समय से पहले ही पूर्ण हो चुके है और महज भुगतान की औपचारिकता पूरा करने के लिए 20 नवम्बर को टेंडर की रस्म अदायगी की गई है। और जिन लोगो से विभाग ने ये काम करवाये है उन्ही को ये टेंडर अलॉट कर भुगतान करने हेतु यह ऑनलाइन टेंडर बुलाए गए हैं इसमें बड़े अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है या कहीं ना कहीं सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने के लिए विद्युत विभाग अपनी भूमिका निभा रहा है या एक बड़ी रकम शासन के खाते से निकल कर ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकार खजाने को चुना लगाया जा रहा है उक्त आरोप विद्युत ठेकेदार योगेश राणा ने लगाए हैं जिन्होंने खुद भी टेंडर डाला है। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री एस सिटी के द्वारा यहां से टेंडर निकाले गए हैं देखना तो यह है कि आज की तारीख में जो टेंडर निकले हैं क्या इनको दोबारा काम दिया जाएगा या फिर उसी काम का कुछ एडजेस्टमेंट किया जाएगा और आज जो टेंडर डाले हैं उनका क्या होगा।
