खबर पक्की: रतलाम शहर विधानसभा टिकट के लिये कल यास्मिन शेरानी का नाम फाइनल करने के बाद रात को घोषित 13 लोगों की सूची में रतलाम शहर विधानसभा का नाम फिर रोक लिया गया बताया जाता है कि टिकट के अन्य दावेदारों ने उक्त नाम को बहुत हल्का मानते हुए यह आरोप लगाने शुरू कर दिए थे कि उक्त नाम भाजपा प्रत्याशी के दबाव में गिव एंड टेक के आधार पर डिसाइड हुआ है। इसी कारण रात को घोषित होने वाली सूची में उक्त नाम को रोक दिया गया। आज टिकट के अन्य दावेदारों में जिसमें अनिल झालानी और पारस सकलेचा भी है ने बताया कि कांग्रेस की तरफ से सशक्त चुनौती पेश करना चाहिए और जनता में ये मैसेज नहीं जाना चाहिए कि कांग्रेस ने भाजपा को वॉकओवर दे दिया है। अनिल झालानी ने कहा कि वैसे तो मैं खुद भी एक सशक्त दावेदार हूं किंतु यदि मुझे टिकट नहीं दिया जाता तो किसी अन्य सशक्त दावेदार को टिकट देने पर सभी कांग्रेसी उसके लिए मेहनत करेंगे वैसे अगर महिला प्रत्याशी ही देना है तो प्रेमलता दवे भी अच्छा नाम है जबकि पारस सकलेचा ने बताया कि अगर कांग्रेस ने मजबूत उम्मीदवार दिया तो मैं कांग्रेस के लिए प्रचार करूंगा और नहीं तो फिर टिकट सामने आने पर डिसाइड करुंगा कि आगे की रणनीति क्या बनाना है। दादा ने कहा कि अब हम टिकट की भीख नहीं मांगेंगे हमारी राजनीति जनता ने देख रखी है पार्टी टिकट दे या नहीं दे जनता ने हमको नेता बनाया है और हम जनता की सेवा करते रहेंगे वैसे कमजोर उम्मीदवार का नाम आने से जनता में यह सीधा मैसेज जा रहा है कि कांग्रेस ने टिकट बेच दिया है। यदि कांग्रेस आलाकमान को अपनी साख बचाना है तो रतलाम शहर से सशक्त उम्मीदवार देना चाहिए।
