भोपाल। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में भाजपा ने लगभग 170 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर अपनी मुहर लगा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में हुई बैठक में देश में सत्ता विरोधी लहर को थामने के लिए भाजपा ने अब तक लगभग 50 से ज्यादा चेहरे बदल दिए हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, चुनाव प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे , राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित चुनाव प्रबंध समिति के सदस्य फग्गन सिंह कुलस्ते, मंत्री नरोत्तम मिश्रा और लालसिंह आर्य भी मौजूद थे।
बची हुई सीटों पर सहमति बनाने के लिए फिर नए सिरे से कवायद शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को पार्टी प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करेगी, जिसमें सवा सौ लोगों के नाम होने की संभावना है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सीईसी की बैठक में न तो नेतापुत्रों को टिकट दिए जाने की किसी ने मांग की और न ही किसी सीट पर असहमति जताई।
माना जा रहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा कराए गए सर्वे और आरएसएस द्वारा दिए गए फीडबैक ही टिकट का मुख्य आधार बने हैं। इसमें खास बात ये है कि पार्टी ने युवा चेहरों को वरीयता दी है। साथ ही महिलाओं की भागदारी भी बढ़ाई है। उम्रदराज नेताओं सहित पांच बार से ज्यादा चुनाव लड़ने वाले कई विधायकों और मंत्रियों को टिकट से वंचित कर दिया गया है।
जिन 60 सीटों पर अब तक प्रत्याशी चयन नहीं हो पाया है, वे कांग्रेस की परम्परागत सीटें हैं, इसे लेकर शुक्रवार को रणनीति तय की जाएगी। भाजपा की कोशिश है कि नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह, केपी सिंह, गोविंद सिंह, रामनिवास रावत, आरिफ अकील जैसे कद्दावर नेताओं के खिलाफ ऐसी घेराबंदी की जाए कि ये नेता अपनी सीट पर ही सिमट कर रह जाएं। संभावना है कि 4 तारीख तक सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे।
