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ट्रेन के कोच में लगी होगी चाय- कॉपी मशीन, हर यात्री के लिए अलग लाइट

BySurendra Jain

Jun 15, 2017

नई दिल्ली
ट्रेन यात्रा के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए रेलवे जीपीएस-आधारित यात्री सूचना प्रणाली और आग या धुएं की पहचान करने वाली सुविधाओं से लैस नए हमसफर कोच लॉन्च करने जा रही है। यात्रियों से मिले फीडबैक के बाद इन कोचों में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और प्रत्येक यात्री के लिए पढ़ने में सहायक लाइट्स की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही ऊपर की बर्थ पर आसानी से चढ़ने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।

हमसफर एक्सप्रेस के लिए बजट में वादा किया गया था। यह ट्रेन पूरी तरह 3-एसी सेवा के साथ जीपीएस-आधारित यात्री सूचना प्रणाली, यात्री घोषणा, आग और धुआं पहचान प्रणाली और शमन प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। इन अपग्रेडेड कोच में बच्चों की नैपी बदलने के लिए सुविधा और चाय या कॉफी बनाने मशीन भी उपलब्ध रहेगी। पिछले साल 16 दिसंबर को गोरखपुर और आनंद विहार के बीच पहली हमसफर ट्रेन की शुरुआत हुई थी।

रेलवे की योजना कुल 11 हमसफर ट्रेनें चलाने की है जिनमें से छह का संचालन हो रहा है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इन नए हमसफर कोचों की जांच के बाद कहा, ‘हमसफर ट्रेनें पहले से ही चल रही हैं और हमें यात्रियों से मिले फीडबैक के आधार पर हमने अतिरिक्त सुविधाओं के साथ इन्हें और बेहतर किया है।

सुरेश प्रभु शुक्रवार को विजयवाड़ा के दौरे पर जाएंगे। वहां पर वह तिरुपति से जम्मू तवी और विजयवाड़ा से हावड़ा तक दो ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। आने वाले समय में बाकी हमसफर ट्रेनों का परिचालन भी जल्द ही शुरू किया जाएगा। एक 3-एसी हमसफर कोच के निर्माण में 2.58 करोड़ रुपये का खर्च आता है जबिक साधारण 3-एसी क्लास के कोच की लागत 2.39 करोड़ रुपये आती है।

 

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