ख़बरपक्की:निगम के कर्णधार का आज एक अखबार में स्टेटमेंट पढ़ा की हमे मालूम नही की पुलिया तैयार हो गई है ठेकेदार हमे जब सूचना देगा तब आगे की कार्यवाही करेगे एक तरफ जनता यातायात को लेकर त्राहिमाम त्राहिमाम कर रही है। ट्रैफिक पुलिस और S.P.गौरव तिवारी यातायात को लेकर रोज माथापच्ची कर रहे हैं कलेक्टर भी इस मुद्दे को लेकर काफी गम्भीर है। लेकिन जनता के पैसे से तनख्वाह पाने वाले और जनता के पैसे से तमाम ऐश करनेवाले निगम के कर्णधार जिनके नीचे निगम के हजारों कर्मचारी है ठेकेदार की रिपोर्ट का इन्तजार करने की बात कह कर किसको धोखा दे रहे हैं। पूरा शहर इस बात से वाकिफ हो चुका है अभी तक की सबसे निकृष्ट परिषद उसने चुनी है जो खुद कुछ नही कर रही और कर्णधार से भी कुछ नही करवा पा रही अब तो लोग कहने लगे है राम मिलाई जोड़ी……..ताज्जुब की बात यह है की जिस सोमनाथ को लोग कमजोर समझते थे अब उसी को याद करने लगे हैं क्योकि उस वक्त फीस आज की तुलना में आधी थी और काम दुगना होता था वह कार्यालय में भी बहुत कम समय देते थे लेकिन कोई काम रुकता नही था अब फीस डबल काम आधा हो रहा है वह भी कार्यालय में कर्णधार के दुगने समय बैठने के बाद पता नही यह रतलाम की जनता की बदनसीबी है या भाजपा शासीत इस परिषद की की जो ऐसे लोग कुर्सियों पर विराजित है जिन्हें जनता के दुखदर्द से कोई सरोकार नही है सरोकार है तो सिर्फ अपने भ्र्ष्टाचार से की कही उसमे कोई कमी नही रह जाये। रतलाम की जनता की हद दर्जे की सहन शीलता को इन हुक्मरानों ने इसकी कमजोरी समझ लिया है अब अगर रतलाम की जनता ने अपने अंदर की आग को प्रज्ज्वलित नही किया तो आने वाली पीढ़िया हमे माफ नही करेगी।
