खबर पक्की : नामली,जहा एक ओर आधुनिक जीवन व हाईटेक जमाने से हम गुजर रहे है वही रतलाम जिले के नामली में आज भी ग्रामीणों द्वारा एक पुरातत्व मन्दिर को लेकर भ्रम फैला हुआ है यही कारण शाम ढलने के बाद ग्रामीण इस और आने से कतराते हैं क्योंकि ग्रामीणों का मानना है कि इस ओर भूत प्रेत बलाए है जब खबर पक्की की टीम ने इस गांव व उस मंदिर की ओर अपना रुख किया तो कुछ नया पाया
रतलाम मुख्यालय से 22 किलोमीटर की दूरी पर व नामली से 8 किलोमीटर की दूरी स्तिथ गांव बड़ौदा दिखने में तो यह गांव सामान्य है गांव की आबादी भी 2500 ही है मगर गांव के आखिरी छोर पर एक पुरातत्व मंदिर बना हुआ है जहां आज तक किसी भी चैनल या प्रिंट मीडिया की नजर नहीं पड़ी हम अपने पाठकों को सावन माह के पावन पर्व शिवलिंग व नंदी महाराज के अनेकों अनेकों प्रतिमाएं जो खंडित हो चुकी है उन्हें अपने पाठकों को दिखा रहे हैं जिनके अवशेष अभी भी दिख रहे है ग्रामीणों का मानना है की उक्त जगह पर अगर खुदाई होती है तो जमीन के गर्भ से पुरातत्व महत्व का मंदिर निकल सकता है या बड़ा खजाना भी निकल सकता है इस बारे में खबर पक्की की टीम ने ग्रामीणों से चर्चा की तो इस बात का खुलासा हुआ कि यहा 5 से 7 फिट की खुदाई में मंदिर के शिखर के ऊपर कलश की आकृति के रूप का पत्थर निकला है ।
प्राचीन समय मे यहा तांत्रिक क्रियाओं वाले बाबाओ का जमावड़ा भी रहता था मगर समय के साथ सभी बाबाओ का आना बंद हो गया अगर जिला प्रशासन इस ओर ध्यान देता है तो इस भूमि में छुपे कई रहस्य खुल सकते है।
क्या इस जगह है 2000 साल पुराना मंदिर ? क्यों खौफ में रहते हैं ग्रामीण।
