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क्या सच्चे मीडिया का गला घोंट रही हैं मोदी सरकार ? जनता को सच बताने और सच दिखााने की मिली सजा।

BySurendra Jain

Aug 3, 2018

Khabar Pakki:पुण्य प्रसून वाजपेयी का इस्तीफा मास्टर स्ट्रोक पर मोदी स्ट्रोक बड़े-बड़े दावे करने वाली बीजेपी सरकार आज लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सामने घुटने टेक चुकी है। अपने कामों का लेखा-जोखा सुनकर मोदी डर रहे हैं। जी हां आपने बिल्कुल सही सुना। बुधवार रात 9 बजे जो हुआ उसको जानने के बाद यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि जनता को सच्चाई का आईना दिखाते ही मोदी सरकार पूरी तरह जड़ से ही हिल गई है। एबीपी न्यूज का जबरदस्त शो मास्टर स्ट्रोक जिसको वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसुन वाजपेयी के माध्यम से चलाया जाता था और जनता के सामने वो तस्वीर साफ होती थी जिसको शायद जनता कभी जान ही नहीं पाती । उस शो पर मोदी सरकार का ग्रहण लग गया। मोदी सरकार इतनी डर गई कि जब बुधवार रात 9 बजे पुण्य प्रसुन वाजपेयी का मास्टर स्ट्रोक शुरू हुआ तो टाटा स्काई और कई चैनलों के नेटवर्क में ही बाधा आने लगी। जब दर्शक दूसरे चैनलों को देखना शुरू किए तो पता चला कि सभी चैनल सही आ रहे हैं सिर्फ एबीपी चैनल ही गड़बड़ आ रहा है।
लेकिन कब तक जनता के बीच खलबली का माहौल बना रहता। जैसे-जैसे घड़ी की सुई ने रफ्तार बढ़ाई ये साफ होने लगा कि कुछ दाल में काला है। कुछ सूत्रों के हवाले से ये खबर मिलने लगी कि वाजपेयी को नोटिस जारी कर दी गई है। फिलहाल सूत्रों से ये खबर आ रही है कि पुण्य प्रसुन वाजपेयी ने एबीपी से इस्तीफा दे दिया है। आपको बता दें कि सरकार के दबाव के चलते कई दिन से प्रसुन का प्रोग्राम “मास्टर स्ट्रोक” बाधित किया जा रहा था। जब प्रसुन दफ्तर पहुंचे तो उनसे कहा गया कि वो अपना काम करके चलें जाएं। फिलहाल उनको दफ्तर आने से भी मना कर दिया गया है। आपको ये भी बता दें कि इससे पहले चैनल के प्रबंध संपादक मिलिंद खांडेकर ने भी इस्तीफा दिया था। इनके अलावा अभिसार शर्मा को भी लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है।
बात तब साफ हो गयी जब गुरूवार को प्रधानमंत्री यूपी के सीतापुर के उन लाभार्थीयों से मिलेंगे जिन्हें निशुल्क बिजली के कनेक्शन मिले हैं। यानि कि बात साफ है जनाब जब वाजपेयी जी ने पोल खोल दी तो मोदी जी को बुरा लग गया। हालांकि धीरे-धीरे कुछ पत्रकारों ने भी तेजी दिखाई और बात सोशल मीडिया तक पहुंच गई। दरअसल वाजपेयी ने वो सच्चाई दिखा दी की जिस घर में लोग दाने-दाने के मोहताज हैं उस घर में निशुल्क बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं। इतना ही नहीं ऐसे ही एक और शो चलाया था प्रसुन जी ने जिसमें ये दिखाया गया था कि मोदी सरकार ने जितनी योजनाएं चलाई हैं उनमें से कितनी धरातल पर दिख रही हैं और कितनी मोदी जी की बड़ी-बड़ी बातों की तरह हवा में ही उड़ान भर रही हैं। शायद यही सब सच्चाई मोदी जी को रास नहीं आई।

वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसुन वाजपेयी ने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद देश में पत्रकारिता के हालात ही बदल गए हैं। संपादक को यह भी पता नहीं होता कि कब किसका फोन आ जाए और ये फोन पीएमओ तो कभी किसी मंत्रालय से होता है। सीधे तौर पर खबरों को लेकर आदेश किया जाता है और कहा जाता है कि इस खबर को हटा दीजीए। आपको बता दें कि ये बातें पुण्य प्रसुन वाजपेयी पत्रकार आलोक तोमर की स्मृति में आयोजित व्याख्यायान में बोल रहे थे। आखिर वो सरकार जो कभी किसी से डरी नहीं वो सरकार आज मीडिया से कैसे डर गई है। प्रधानमंत्री मोदी से ये कहना चाहूंगा कि आप चाहे जितना भी नेटवर्क खराब कर लीजिए आपकी सच्चाई न तो छिपी है और न ही छिपेगी। अगर आप देश के प्रधानमंत्री हैं तो यह मत भूलिए कि ये भी मीडिया का चौथा स्तंभ है जो हमेशा जनता को आईना दिखाएगा। जो काम कांग्रेस ने खुल कर किया वो मोदी पर्दे के पीछे से कर रहे हैं खुल कर और सामने से वार करने वाले से तो निपटा जा सकता है।पर लोकतंत्र के माध्यम से सत्ता में आकर पर्दे के पीछे से लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का गला घोंटने वाला कभी भी लोकतन्त्र का रोलमाडल और 56 इंची नही हो सकता।आज सत्ता की दुंदुभी बजाने और मोदी चालीसा गाने वाले पत्रकारों से मेरा यही कहना है की अब भी नही सम्भले तो हिन्दुतान की आने वाली नस्ले उन्हें माफ नही करेगी। जयहिंद।

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