खबर पक्की, 16 अक्टूबर। रतलाम के सेजावता-बंजली बायपास मार्ग स्थित रेलवे एलसी गेट संख्या 190 पर गुरुवार रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गेटमैन की लापरवाही और नशे की हालत में होने के कारण ट्रेन ने बंद फाटक के बीच पटरी पर खड़ी एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। ट्रेन की स्पीड धीमी होने के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया। गेटमैन नशे में पाया गया। गेटमैन के केबिन से बीयर की केनें व डिस्पोजल गिलास भी मिले हैं।
जिस कार को टक्कर मारी है, वह गुजरात पासिंग है। कार का नंबर GJ 15 CK 0369 है। कार में रतलाम जिले के ताल निवासी प्रणव उपाध्याय सवार थे। प्रणव अपने भाई की प्री-वेडिंग के लिए ताल से रतलाम में वेदव्यास कॉलोनी में रहने वाले नानाजी के घर आ रहे थे। क्रॉसिंग पार करके वे कार को फाटक के अंदर लेकर आ चुके थे। उसके बाद अचानक से फाटक लग गया। बाद में दो बाइक वाले भी उनके साथ अंदर फंस गए।
उन्होंने गेटमैन को जाकर बोला कि गेट खोल दे, लेकिन उसने गेट नहीं खोला। वह नशे में था और बोलता रहा कि पीछे वाली पटरी पर नहीं, आगे वाली पटरी पर ट्रेन आएगी। उसे यह तक पता नहीं चल रहा था कि कार बीच ट्रैक पर खड़ी है। प्रणव भी डर गए थे और ट्रेन आने पर दूर भाग गए। फिर ट्रेन आ गई।
केबिन में शराब की बोतलें
प्रणव के अनुसार गेटमैन नशे में था। शराब की बोतलें पड़ी हुई मिलीं। तीन से चार बीयर की केन केबिन में रखी हुई थीं। अंदर से शराब पीने का डिस्पोजल गिलास भी मिला। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था, उससे कुछ भी बोलो तो हाथ जोड़ रहा था। शराब व उसके नशे में होने का उन्होंने वीडियो भी बनाया है। प्रणव के अनुसार वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। कार में लैपटॉप और मोबाइल भी था। कार के अंदर से पर्स नहीं मिला है।
रतलाम से हिसार जा रही थी ट्रेन
हादसा गुरुवार रात करीब 10:30 बजे हुआ। रतलाम स्टेशन से वलसाड-हिसार ट्रेन (04728) चित्तौड़गढ़ के लिए रवाना हुई। बीच फाटक पर ट्रैक पर खड़ी कार को देख लोको पायलट ने तीन से चार बार हॉर्न बजाया। लोको पायलट ने स्थिति को समझते हुए ट्रेन की स्पीड को धीमा कर दिया था। टक्कर लगते ही करीब 50 मीटर तक ट्रेन कार को घिसटते हुए ले गई। फिर लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन को रोक दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम पहुंची
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे का सायरन बज उठा। रेलवे की रेस्क्यू टीम व डीआरएम अश्वनी कुमार समेत आरपीएफ, रतलाम पुलिस भी मौके पर पहुंची। कुछ देर में क्षतिग्रस्त कार को क्रेन के सहारे एक तरफ किया गया। ट्रैक को क्लियर कर ट्रेन को कुछ देर में रवाना किया। देर रात तक रेलवे अधिकारी व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मौके पर जांच में जूटे थे। वहाँ गेटमैन को भी रेलवे अधिकारियों ने बैठा रखा था।
कार तेज गति से आई-डीआरएम
डीआरएम अश्वनी कुमार ने बताया कि जब गेट बंद हो रहा था, उस समय एक कार बहुत तेजी से अंदर घुस गई। फिर वह अंदर फंस गई। तब तक सिग्नल व गेट सिग्नल भी लोअर हो चुका था। रतलाम से हमारी ट्रेन आ रही थी। उस ट्रेन से यह गाड़ी थोड़ा सा टकराई है। किसी तरह की कोई जान या माल की क्षति नहीं हुई है। कुछ देर में गाड़ी भी रवाना कर दी गई।
गेटमैन के नशे में होने व शराब की बोतल मिलने पर डीआरएम का कहना था कि हम पता करेंगे। पूरी जांच होगी। कैसे क्या हुआ, वह सब देखा जाएगा। जांच के आदेश दे दिए हैं।
