खबर पक्की, 10 जुलाई, रतलाम। आमतौर पर सड़क किनारे पेड़ों की छंटाई के दौरान पक्षियों के घोंसले और उनमें पल रहे नन्हे जीवन पर संकट आ जाता है, लेकिन रतलाम में जीवों के प्रति संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। शहर के दो बत्ती चौराहे पर सड़क की ओर झुक रहे एक पेड़ की छंटाई से पहले उस पर बसे पक्षियों के घोंसलों का जीव मैत्री परिवार द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
नगर निगम द्वारा आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क की ओर झुक रहे पेड़ की छंटाई की जानी थी। इससे पहले जीवमैत्री परिवार के सदस्यों ने नगर निगम के सहयोग से पेड़ पर चढ़कर वहां मौजूद पक्षियों के घोंसलों को सावधानीपूर्वक उतारा। घोंसलों में मौजूद अंडों और नन्हे बच्चों को भी पूरी सुरक्षा के साथ निकाला गया, ताकि छंटाई के दौरान उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
रेस्क्यू के बाद सभी घोंसलों को विशेष टोकरियों में सुरक्षित रखा गया और उन्हें ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया, जहां पक्षी बिना किसी खतरे के अपना जीवन और बच्चों का पालन-पोषण जारी रख सकें। इस मानवीय पहल को देखकर आसपास मौजूद लोगों ने भी जीवमैत्री परिवार और नगर निगम के प्रयासों की सराहना की।
जीवमैत्री परिवार के सदस्यों का कहना है कि प्रकृति और बेजुबान जीवों की रक्षा करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि थोड़ी संवेदनशीलता और योजना के साथ कार्य किया जाए तो अनेक पक्षियों और अन्य जीवों का जीवन बचाया जा सकता है।
इस सेवा कार्य में अमृत जैन, प्रकाश लोढ़ा, सुमीत सुराणा, लोकेश मेहता, पार्षद धर्मेंद्र रांका, अंतिम लोढ़ा, पंकज मेहता, योगेंद्र जैन, रखब जैन, मुकेश बम्बोरिया सहित जीवमैत्री परिवार के अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
पेड़ की छंटाई से पहले बचाई गई पक्षियों की दुनिया- जीवमैत्री परिवार ने पक्षियों के अंडों और बच्चों सहित घोंसलों का किया रेस्क्यू
