खबर पक्की, 8 जुलाई, रतलाम। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर सभागार में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत और सीएसपी सत्येन्द्र घनघोरिया ने स्कूल संचालकों और बस ऑपरेटरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्कूली वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का हर हाल में पालन किया जाए। खासतौर पर बारिश के दौरान पुल-पुलियों या रपटों पर पानी होने की स्थिति में किसी भी स्कूली वाहन को पार नहीं कराया जाए।
बैठक में सीएसपी, जिला परिवहन अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, डीसी होमगार्ड, ट्रैफिक पुलिस सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अपर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी स्कूल बसों के फिटनेस, बीमा, परमिट, पीयूसी और अन्य आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रहें। बस चालक और परिचालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस एवं पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
इसके अलावा सभी बसों में स्पीड गवर्नर, इमरजेंसी विंडो, पैनिक बटन, अग्निशमन यंत्र, फस्र्ट एड बॉक्स और सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाया जाए और किसी भी बच्चे को चालक के केबिन में बैठाने की अनुमति नहीं होगी। प्रत्येक बस पर स्कूल बस का स्पष्ट उल्लेख, शिकायत नंबर और रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जाएं। वहीं चालक और परिचालक निर्धारित वर्दी एवं नेम प्लेट पहनकर ही ड्यूटी करें तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
अपर कलेक्टर श्री रावत ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी स्कूल संचालक और बस ऑपरेटर तय सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। बरसात के मौसम में जलभराव वाले पुल-पुलियों और रपटों पर किसी भी स्थिति में स्कूली वाहन नहीं निकाले जाएं।
स्कूल बसों को लेकर प्रशासन सख्त, सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई, एडीएम और सीएसपी ने ली बैठक
