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करणी सेना परिवार का 30 घंटे बाद खत्म हुआ धरना

BySurendra Jain

Mar 18, 2026

खबर पक्की, 18 मार्च, रतलाम। करणी सेना परिवार का महू-नीमच फोरलेन पर चल रहा विरोध प्रदर्शन करीब 30 घंटे बाद समाप्त हो गया। 11 सूत्रीय मांगों के निराकरण का आश्वासन मिलने और 14 साल की नाबालिग की तलाश किए जाने के बाद जीवनसिंह शेरपुर ने धरना खत्म करने की घोषणा की। इसके साथ ही फोरलेन पर डटे करणी सैनिक सड़क से उठ गए।
बता दें धरना मंगलवार से शुरू हुआ और बुधवार को शाम तक चला। इस बीच करणी सेनिकों ने मंगलवार रात को महू नीमच फोरलेन पर टेंट लगाया, खाना बनवाया इसके साथ ही सड़क पर बिस्तर लगाकर सो गए। करणी सेना परिवार प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने कहा हम कोई उपद्रव नहीं कर रहे हैं। कलेक्टर मैडम आएं हमारी बात सुने। जब तक हमारी बात नहीं सुनी जाएगी। हम यहीं सड़क पर बैठे रहेंगे।
कलेक्टर के नहीं मिलने पर जीवन सिंह ने कहा हम हमारी संवैधानिक बात रखना चाहते थे। लेकिन कलेक्टर मैडम ने ज्यादा बिजी होगीं। नहीं मिलने के सवाल पर कहा कि यह उनका निजी विषय है। अधिकारी का तो आदेश चलता है। उन्होंने यह नहीं स्वीकारा कि हम इस प्रदेश व इस देश के नागरिक हैं। उनके जिले के लोग हैं। अगर वह आतीं तो हम और समस्या को अच्छे से रखते। कुछ अधिकारियों की शिकायत भी करते। उन्होंने लोकतंत्र को समाप्त कर दिया। मिलने से रोका। इसलिए यही धरना देना पड़ा।
जीवन सिंह ने कहा कि दो माह से एक 14 साल की नाबालिग गुमशुदा थी। परिजन पुलिस के चक्कर काट कर धक गए थे। हमने धरने में प्रमुख मांग बालिका को तलाशना था। धरनाा देते ही बालिका को तलाश लिया। क्या हर बालिका के गायब होने पर धरना देना पड़ेगा क्या। मांगो के निराकरण का आश्वासन मिला है। धरना समाप्त कर रहे हैं।
वहीं अपर कलेक्टर डॉक्टर शालिनी श्रीवास्तव ने बताया 11 बिंदु को लेकर प्रोटेस्ट किया जा रहा था उन पर कार्रवाई से अवगत कराया है। कल भी हमने सारी कार्रवाई को लेकर उन्हें बताया था। लेकिन वह संतुष्ट नहीं थे। जो बिंदु है उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल 11 सूत्रूीय मांगों के निराकरण को लेकर करणी सेना के लोग जीवनसिंह शेरपुर के नेतृत्व में मंगलवार को कलेक्ट्रेट का घेराव करने जा रहे थे। जिन्हें रतलाम शहर से बाहर डोसी गांव फोरलेन पर पुलिस ने रोक दिया था।
शहर के सभी इंट्री प्वाइंट पर पुलिसबल तैनात था। प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट जाने से रोका था। करणी सैनिकों ने कलेक्टर मिशा सिंह से ही मिलने की बात कही। कलेक्टर के नहीं आने पर सभी सड़क पर बैठ गए थे। दिनभर रोड पर रोड बंद रहा। दिन भर में कई बार अधिकारियों व जीवनसिंह शेरपुर की बीच बात हुई। लेकिन सभी कलेक्टर से ही मिलना चाहते थे।

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