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सड़क पर डटी करणी सेना : सड़क पर लगाया बिस्तर, कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी, दिनभर रास्ता बंद रहा

BySurendra Jain

Mar 17, 2026

खबर पक्की, 17 मार्च, रतलाम। करणी सेना परिवार का विरोध प्रदर्शन सुबह से अभी तक जारी है। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट घेराव के लिए जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने शहर में प्रवेश से पहले ही रोक दिया, जिसके बाद प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर अपने समर्थकों के साथ हाईवे पर धरने पर बैठ गए।
धरना सेजावता फोरलेन बायपास से डोसी गांव होकर रतलाम आने वाले महू-नीमच फोरलेन मार्ग पर चल रहा है। प्रशासन ने सुबह से ही बैरिकेड्स लगाकर और पुलिस बल तैनात कर सड़क को बंद कर रखा है।
प्रदर्शनकारी कलेक्टर मिशा सिंह को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे हैं और इसी बात पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि उन्हें कलेक्ट्रेट जाने से रोककर उनकी आवाज दबाई जा रही है।
सड़क पर बिस्तर लगाए जा रहे
धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही डेरा जमा लिया है। गद्दे-बिस्तर मंगवा लिए गए हैं और वहीं भोजन बनाने की तैयारी की जा रही है। अन्य जिलों से भी समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
प्रदर्शन के दौरान जावरा से आई मुस्लिम महिलाओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोका। इस दौरान हल्की झूमाझटकी की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
शहर का मुख्य एंट्री पॉइंट होने के कारण सिटी फोरलेन बंद रहने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिन में प्रदर्शन के दौरान महिला बेहोश हुई
दोपहर में महिलाओं ने बैरिकेड्स हटा कर आगे जाने की कोशिश की। जिन्हें महिला पुलिसकर्मियों ने रोक दिया है। इसी दौरान एक महिला बेहोश हो गई है। जिसे गाड़ी में बैठाकर लेकर अस्पताल ले जाया गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कलेक्टर एसी चैंबर में बैठी हैं और जनता सड़क पर बैठी है। हमारी समस्या कलेक्टर नहीं सुनेगी तो कौन सुनेगा। प्रशासन के अधिकारी समझा रहे हैं। वहीं प्रदर्शनकारी कलेक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे।
प्रशासन रास्ता रोक कर अपराध कर रहा है; करणी सेना
करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि कलेक्टर व प्रशासन हमें रोक कर अपराध कर रहा है। हम जनता की आवाज हैं। जनता की समस्या बताना चाहते है। लेकिन हमें दबाने की कोशिश की जा रही है। गांव में कोई अधिकारी या कर्मचारी आकर दिखाएं। हम भी उन्हें घुसने नहीं देंगे। गांवों में अवैध शराब बिक रही है यह सब प्रशासन की मिलीभगत से ही संभव है। हमारा रास्ता क्यों रोका जा रहा है हम अपराधी थोड़ी हैं।

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