खबर पक्की, 8 नवंबर, रतलाम। विधिक सेवा सप्ताह 09 नवंबर से शुरू होगा। न्यायोत्सव के तहत सात दिनों तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को कानून और उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी। विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री नीना आशापुरे ने इस संबंध में निर्देश दिए है। न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज पवैया ने बताया कि 09 नवम्बर को जन जागरूकता मैराथन और कानूनी सेवाओं की प्रदर्शनी के साथ कार्यक्रम की शुरूआत होगी। इसमें पोस्टर मेंकिंग, फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं और लघु नाटक जैसी गतिविधियां शामिल होगी।
- 10 नवंबर को जेलों में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित होगें, जहां कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों और मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में बताया जाएगा।
- 11 नवंबर को विश्व शिक्षा दिवस पर स्कूलों और कॉलेजों में कानूनी विषयों पर चर्चा होगी।
- 12 नवंबर को ग्रामीण और श्रमिक क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित होगें, जहां नागरिकों को कानूनी अधिकारों और सरकारी सेवाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
- 13 नवंबर को बाल देखभाल संस्थानों का निरीक्षण और जागरूकता शिविर होगा, जिसमें बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित किया जाएगा।
- 14 नवंबर को बाल दिवस पर कानूनी और जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा, जिसमें बच्चों के लिए सांस्कृतिक गतिविधियां और आत्मविश्वास बढ़ाने वाले सत्र होगें।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे के लिए न्याय
श्री पवैया ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा देना है। न्यायोत्सव: के दौरान बाईक/साईकिल रैली भी आयोजित की जाएगी, जिसमें पैरालीगल वालेंटियर्स, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, पैनल अधिवक्ता और एनजीओ शामिल होगें। इस पहल का मुख्य संदेश ”हर बच्चे के लिए न्यायÓÓ होगा।
