खबर पक्की, 7 नवंबर, रतलाम। रतलाम के सैलाना के पूर्व कांग्रेस विधायक लाहलिंग देवदा (70) की बाइक की टक्कर के बाद इलाज के दौरान शुक्रवार शाम मौत हो गई। टक्कर से घायल होने के बाद परिजन पहले रतलाम आए थे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद गुरुवार रात गुजरात के वड़ोदरा लेकर गए थे। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
लाहलिंद देवदा मूलत: बाजना के छावनीभाभर गांव के रहने वाले थे। बुधवार शाम 6.30 बजे वह अपने घर के बाहर टहल रहे थे। इसी दौरान पीछे से एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी। बाइक पर दो लोग सवार थे। टक्कर से गंभीर घायल होने पर परिजन पहले रतलाम प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर आए। इसके बाद गुरुवार रात वड़ोदरा लेकर गए थे। जहां शुक्रवार शाम को उनका निधन हो गया।
भतीजे ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
पूर्व विधायक के भतीजे लक्ष्मण (38) पिता नाहरिंग देवदा की रिपोर्ट पर बाजना थाना ने केस दर्ज किया था। बताया था कि 5 नवंबर की शाम शाम 6.30 बजे बड़े पापा लाहलिंग देवदा पैदल-पैदल रोड़ किनारे घर के सामने टहल रहे थे। बाजना तरफ से एक मोटर साइकिल चालक अपनी मोटर साइकिल को तेज गति व लापरवाही पूर्वक चला कर लाया। पीछे से उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर से उनके सिर, चेहरे व हाथ-पैरो में चोट लगी थी। पुलिस ने बाइक क्रमांक आरजे 03 एसजे. 6386 के चालक के खिलाफ केस दर्ज किया था। भतीजे ने बताया कि बड़े पापा का इलाज के दौरान निधन हो गया।
1993 में कांग्रेस से मिला था टिकट
1993 में कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व मंत्री प्रभुदयाल गेहलोत का टिकिट काटकर देवदा को टिकट दिया था। इन्होंने ऐतिहासिक जीत दर्ज हासिल की थी। तब निर्दलीय प्रभुदयाल गेहलोत चौथे नंबर पर रहे थे। देवदा 1993 से 1998 तक विधायक रहे।
1998 में फिर कांग्रेस ने उनको टिकट दिया। लेकिन निर्दलीय प्रभुदयाल गेहलोत के सामने वह चुनाव हार गए थे। बाद में अपने राजनीतिक गुरु स्व दिलीपसिंह भूरिया के बीजेपी में आने पर देवदा भी बीजेपी में आ गए। लेकिन कुछ समय बाद वह फिर कांग्रेस में चले गए थे। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के काफी करीबी माने जाते थे। आम लोगों के लिए वह हमेशा खड़े रहते थे।
पूर्व विधायक लाहलिंग देवदा की मौत:घर के बाहर टहलते हुए बाइक सवार ने पीछे से मारी टक्कर; दिग्विजय सिंह की सरकार में थे एमएलए
