खबर पक्की, 5 अक्टूबर, रतलाम। जिले के रावटी थाना क्षेत्र के गांव रानीसिंह में बदमाशों ने एक ज्वेलरी शॉप का शटर उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। साथ ही एक मकान को भी अपना निशाना बनाया। तीन दिन पूर्व भी चोरों ने यहां पर एक परिवार को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
लेकिन अभी तक पुलिस उन बदमाशों की तलाश नहीं कर पाई थी कि फिर से बदमाशों ने पुलिस को चुनौती दे डाली। चोरी की घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है।
चोरी की घटना रतलाम के हिम्मत नगर निवासी नीलेश सोनी की ज्वेलरी शॉप पर हुई है। रोजाना की तरह वह गांव से अपनी शॉप बंद कर शनिवार को रतलाम आ गए थे। रविवार तड़के उन्हें चोरी की सूचना मिली। चोर दुकान का शटर सब्बल से उठाकर कर अंदर पहुंचे।
इसके बाद वह दराज समेत अन्य सामान देखा। दुकान के गल्ले में रखे 7 हजार रुपए नगदी और चिल्लर के अलावा करीब 100 ग्राम चांदी की झुमकियां चुराकर ले गए। नीलेश सोनी गांव में किराये पर दुकान लेकर चलाते थे।
सूने मकान में पीछे से मारी सेंध
बदमाशों ने गांव में ही कालू मूनिया पिता शंभू मुनिया के घर के पीछे की दीवार में सेंध लगाई। बदमाश घर की ईंट निकाल कर घर में घुसे। अलमीरा समेत पलंग व पेटी का सामान बाहर निकाल दिया। सारा सामान अस्त व्यस्त कर दिया। सूचना मिलने पर रावटी थाना प्रभारी दीपक मंडलोई घटना स्थल पर पहुंचे।
तीन दिन पहले हुई लूट
1 अक्टूबर की रात बदमाशों ने रानीसिंहगांव में किसान दंपती के घर में लूट की घटना को अंजाम दिया था। चोरों ने परिवार के लोगों को बंधक बनाकर डेढ़ किलो चांदी के जेवर, 70 हजार रुपए नकद लूट ले गए। लेकिन अभी तक पुलिस इन बदमाशों का पता नहीं कर पाई।
यहां तक पुलिस ने लूट के बजाय चोरी की घटना की एफआईआर की थी। 15 दिन पहले भी नामली के कांडरवासा में इसी तरह चोरों ने एक परिवार को बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया। लेकिन आज तक पुलिस उन्हें भी तलाश नहीं कर पाई।
2 साल पहले हुई चोरी का नही चला पता
गांव रानीसिंह में दो साल पूर्व एक ही रात में चोरों ने 7 अलग अलग स्थानों के ताले तोड़े थे। लेकिन आज तक चोरों का पता पुलिस नहीं कर पाई। चोरों ने कियोस्क सेंटर, किराना दुकान, मेडिकल व प्राइवेट स्कूल में चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया था। चोर सामान समेत नगदी चुरा ले गए थे।
रावटी में ज्वेलरी शॉप से झुमकी और रुपए चोरी : शटर उठाकर घर में घुसे, मकान में भी सेंधमारी की; तीन दिन पहले परिवार को बनाया था बंधक
