अमेरिका द्वारा ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि भारत भी ईरान से तेल आयात बंद करें। पूर्व में जब ओबामा प्रशासन ने ईरान पर बंदिशे लगाई थी तब भारत ने हर 6 महीने में 20 प्रतिशत पेट्रोलियम पदार्थ ईरान से कम आयात करने का फैसला लिया था तब तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने अमेरिकी दबाव के बावजूद राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए पूरा आयात बंद नहीं किया था किंतु वर्तमान ट्रंप सरकार चाहती है कि भारत पूरा आयात शून्य पर लेकर आए संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली जो वर्तमान में भारत के दौरे पर है उसने भी कहा कि भारत को ईरान से आयात शून्य पर लाना होगा भारत जो कि पेट्रोलियम पदार्थों के लिए ज्यादातर विदेशी देशों पर निर्भर है कैसे इस अमेरिकन धमकी से निबटता है देखना होगा देश के प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबारों में छपी समाचारों के अनुसार पेट्रोलियम मंत्री द्वारा आयल कंपनियों को नए विकल्प तलाशने का कह दिया गया है देखना दिलचस्प होगा कि अपने आप को आजाद भारत की सबसे मजबूत सरकार बताने वाली मोदी सरकार कैसे अमेरिकन दबाव से निजात पाती है अनिल कंपनियों को ईरान से तेल 60 दिन की उधारी पर मिलता है जबकि दूसरे देश मात्र 30 दिन की उधारी देते हैं ईरान को आधा पैसा भारत रुपए में भी भुगतान कर देता है जबकि दूसरे देशों को डॉलर में भुगतान करना होता है अगर भारत अमेरिकी धमकी के कारण ईरान से तेल का 0 पर लाता है तो पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें और बढ़ेगी।
