• Fri. Oct 23rd, 2026

मामला संजीवनी क्लीनिक का : दुष्कर्म के आरोपी अजहर खान का अग्रिम जमानत आवेदन निरस्त, विवेचना में नहीं कर रहा आरोपी सहयोग, रेलवे कर्मचारी है आरोपी

BySurendra Jain

Jul 14, 2025

खबर पक्की, 14 जुलाई, रतलाम। उकाला रोड स्थित संजीवनी क्लीनिक पर हुए दुष्कर्म की घटना के आरोपी अजहर पिता अफजल खान निवासी नाहरपुरा रतलाम के अग्रिम जमानत आवेदन को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर ने निरस्त कर दिया है।
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने बताया कि आवेदक अजहर खान की ओर से आवेदन लगाया गया कि वह रेलवे में नौकरी करता है और यदि उसे गिरफ्तार कर लिया गया तो नौकरी समाप्त होने की संभावना है द्य पीडि़ता ने घटना में बताया कि वह सपोर्ट स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ होकर कॉविड की ड्यूटी के समय से आरोपी को पहचानती है। घटना के दिन आरोपी क्लीनिक पर आया और उसे बोलने लगा कि उसे कुछ बात करनी है। उसे क्लीनिक के अंदर वाले कमरे में ले गया और उसे के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। अभियोजन की ओर से जमानत आवेदन का विरोध किया गया और कहा गया कि आरोपी द्वारा पीडि़ता को प्रेम में फंसाकर शासकीय जगह पर घटना की गई है।
तर्कों से सहमत होकर जमानत निरस्त
यदि आरोपी को अग्रिम जमानत पर छोड़ा गया तो उसके द्वारा दोबारा घटना करित की जा सकती है। अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी के तर्कों को सुनकर अपर सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर ने आरोपी अजहर खान के अग्रिम जमानत आवेदन को निरस्त करते हुए लिखा कि आवेदक पर गंभीर प्रकृति का अपराध है और विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा है। वर्तमान में फरार है। ऐसी स्थिति में अग्रिम जमानत आवेदन का लाभ नहीं दिया जा सकता है। अग्रिम जमानत आवेदन निरस्त की किया जाता है।

You missed

error: Content is protected !!