खबर पक्की, 24 जून, रतलाम। मई के पहले सप्ताह में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 लाख रुपए की एमडी ड्रग्स के साथ रतलाम के कमलेश जैन और साबिर खान को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने सुनील सूर्य नाम लिया। सुनील सूर्या लगभग चार दर्जन अपराधिक प्रकरण दर्ज है। पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के उदयपुर से आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस कंट्रोल रूम पर हुई पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जावरा शहर द्वारा अपनी टीम के साथ मुखबीर सूचना पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 06 मई 2025 को पटेल होटल के सामने महु नीमच फोरलेन रोड जावरा से आरोपी कमलेश जैन पिता पुनमचन्द्र जैन जाति जैन (51) निवासी शास्त्री नगर रतलाम और साबिर खान पिता मेहमुद खान जाति पठान (27) निवासी डाट की पुल रतलाम को अवैध मादक पदार्थ एमडी ड्रग्स 200 ग्राम के साथ गिरफ्तार किया था एमडी ड्रग्स की कीमत 20 लाख रुपए थी। आरोपियों के कब्जे से एक सफेद रंग की स्वीफ्ट कार क्र रूक्क- 4र्3 ं्र/7047 जब्त की। इस मामले में थाना जावरा पर अप.क्रं- 168/2025 धारा- 8/22,29 एनडीपीएस एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया
आरोपियों ने पूछताछ में बताया सूर्या का नाम
आरोपियों से पूछताछ में अवैध मादक पदार्थ एमडी ड्रग्स सुनील सूर्या निवासी शास्त्री नगर रतलाम को देना बताया। सुनील सूर्या के संबंध मे जानकारी मिली की आरोपी के विरुद्ध कई गंभीर प्रवृत्ति के अपराध पंजीबध्द है जिसके संबंध मे जानकारी एकत्रित की गई। सायबर सेल रतलाम की मदद से आरोपी को उदयपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय पेश कर आरोपी का पीआर प्राप्त कर आरोपियों से अवैध मादक पदार्थ के सम्बंध मे पूछताछ की जा रही है ।
गिरफ्तार आरोपी : सुनील सूर्या उर्फ सूर्या पिता इन्दरमल सूर्या जाति जैन (38) निवासी फ्लेट नम्बर 05 शास्त्री नगर, रतलाम (म.प्र.)
इनकी रही सराहनीय भूमिका
आरोपी को गिरफ्तार करने में निरीक्षक जितेंद्र सिंह जादौन, उप निरीक्षक सत्येन्द्र रघुवंशी , सायबर सेल से प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण, हिम्मत, आरक्षक विपुल भावसार, मयंक व्यास, राहुल पाटीदार, तुषार सिसोदिया, आर मोरसिंह, जितेन्द्र व्यास, कृष्णपालसिह की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस को सफलता : एनडीपीएस एक्ट के आरोपी सुनील सूर्या को किया उदयपुर से गिरफ्तार, काफी समय से था फरार, सूर्या के खिलाफ लगभग चार दर्जन आपराधिक रिकार्ड दर्ज
