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प्रभारी मंत्री शाह के खिलाफ प्रदर्शन, पुतला फूंका, कांग्रेसी बोले- भारत की बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं

BySurendra Jain

May 15, 2025

खबर पक्की, 15 मई, रतलाम। मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं रतलाम जिले के प्रभारी मंत्री विजय शाह के बयान को लेकर युवा कांग्रेस ने आज (बुधवार) जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कोर्ट चौराहा पर प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के पोस्टर पर पैर रखकर जूते मारे और उनका पुतला जलाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी भी हुई।
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि विजय शाह रतलाम आते हैं, तो उन्हें शहर में घुसने नहीं दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मंत्री के चेहरे पर कालिख पोती जाएगी और काले झंडे दिखाए जाएंगे।
शर्मनाक बयान, तुरंत इस्तीफा लें
जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट ने कहा कि मंत्री विजय शाह का बयान बेहद शर्मनाक है। उन्होंने हमारी बहन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मयंक ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग की कि विजय शाह से तत्काल इस्तीफा लिया जाए। उन्होंने कहा, अगर वह रतलाम आते हैं तो हमारा विरोध झेलने के लिए तैयार रहें।
इधर, प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष यास्मीन शेरानी ने कहा, सोफिया कुरैशी भारत की बेटी हैं और उन्होंने देश का नेतृत्व किया है। विजय शाह ने उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है। हम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अपील करते हैं कि ऐसे मंत्री को बर्खास्त किया जाए। अगर वह रतलाम आए तो हम उनका मुंह काला करेंगे।
पुलिस रही तैनात, फायर ब्रिगेड भी मौके पर
प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में शहर के चार थानों के थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड को भी सतर्क रखा गया। जैसे ही कार्यकर्ता पुतला लेकर पहुंचे, पुलिस ने उसे जलाने से रोकने की कोशिश की। फायर एग्जिट से आग बुझाने का प्रयास किया गया, फिर भी आधा पुतला जल गया।
इधर, एडवोकेट ने स्नढ्ढक्र कराने की मांग की
मंत्री के विवादित बयान को लेकर रतलाम के वकील अमित पांचाल ने स्टेशन रोड थाने में शिकायती आवेदन दिया। अमित ने आरोप लगाया कि मंत्री शाह ने अपने बयान के जरिए एक विशेष धर्म की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उनके कथन भारत की सम्प्रभुता, एकता और अखंडता को कमजोर करने वाले हैं। साथ ही उन्होंने भारतीय सेना के सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक को उनकी निष्ठा और कर्तव्य से विचलित करने का प्रयास किया है।

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