खबर पक्की, 20 मार्च, रतलाम। 58 लाख रुपए की धोखाधड़ी और चिटफंड घोटाले में 8 साल से फरार आरोपी अजय प्रताप सिंह को आज जेल भेजा गया है। आरोपी को लगातार ट्रेस करने के बाद पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद उसे पुलिस रिमांड दी गई थी।
इस धोखाधड़ी में शामिल पांच अन्य आरोपियों को पहले ही 6-6 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। एसपी अमित कुमार ने आम जनता से ऐसी किसी भी संदिग्ध कंपनी में निवेश करने से पहले पूरी जानकारी लेकर धोखाधड़ी से बचने की अपील की है।
पहले बनाए थे पांच आरोपी
एसपी ने बताया कि 1 जून 2017 को करवाखेड़ी (ताल) निवासी मांगीलाल पिता निर्भयराम धाकड़ ने चिटफंड कंपनी पर आरोप लगाया था कि उसने कई निवेशकों से 58 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। जांच में रघुवीर सिंह (बडऩगर, उज्जैन), राजेंद्र सिंह (जमुनिया शंकर), जगदीशचंद्र (कराडिया), धर्मेंद्र सिंह (बडऩगर), बगदीराम को आरोपी बनाया गया। इन सभी पर धोखाधड़ी और इनामी चिटफंड एवं धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम 1978 के तहत केस भी दर्ज किया।
जांच के दौरान गुना जिले के धरनावदा थाना की रुठियाई चौकी के चौड़ाखेड़ी निवासी अजय प्रताप सिंह का नाम घोटाले में सामने आया। वह आरोग्य धनवर्षा डेवलपमेंट एंड एलाइड लिमिटेड कंपनी में शेयर होल्डर था। इसके बाद अजय प्रताप सिंह के खिलाफ धारा 467, 468, 471 भादवि (जालसाजी) और मप्र. निवेशक के हित संरक्षण अधिनियम की धारा 3(1), 6(2) के तहत केस दर्ज किया गया।
अन्य 5 को 6-6 साल की सजा पहले ही हुई
पुलिस ने मामले में शामिल अन्य 5 आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश किया था। इसके आधार पर कोर्ट ने राजेंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, जगदीश चंद्र, धर्मेंद्र सिंह और बगदीराम को 6-6 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। अजय फरार था, पुलिस लगातार उसकी जांच कर रही थी। 8 साल बाद उसे सफलता मिली।
58 लाख की धोखाधड़ी और चिटफंड घोटाले का आरोपी गिरफ्तार, गुना में पकड़ाया, 8 साल से फरार था; 5 को हो चुकी 6-6 साल की सजा
