खबर पक्की, 1 सितंबर, रतलाम। ऑनलाइन वॉच सेलिंग के नाम पर 6.43 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में रतलाम साइबर सेल और थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा पुलिस की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को हरिद्वार (उत्तराखंड) और कोटा (राजस्थान) से पकड़ा। उनके कब्जे से 28 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस आरोपियों से ठगी की राशि की रिकवरी और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, जावरा निवासी फरियादी मजदूरी करता है और टेलीग्राम का उपयोग करता है। 29 दिसंबर 2025 को उसे टेलीग्राम पर अज्ञात आईडी से ऑनलाइन घडिय़ां बेचकर मुनाफा कमाने का संदेश मिला। आरोपियों ने उसे वेबसाइट लिंक, आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए तथा रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर एक बैंक खाते में 10 हजार रुपये जमा करवाए।
इसके बाद आरोपियों ने ऑनलाइन वॉच सेलिंग से मुनाफा होने का झांसा देकर फरियादी का विश्वास हासिल किया। फिर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करने पर दोगुना मुनाफा मिलने की बात कही। इस झांसे में आकर फरियादी ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 6,43,285 रुपये जमा कर दिए। बाद में न तो उसे मुनाफा दिया गया और न ही मूल राशि लौटाई गई।
शिकायत पर थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा में प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में साइबर सेल तथा जावरा पुलिस ने बैंकिंग लेन-देन, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया। इसके आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके ठिकानों पर दबिश दी गई।
पुलिस ने अश्वनी अरोरा निवासी हरिद्वार को हरिद्वार से तथा अनिमेष जैन निवासी जिला बारां, राजस्थान को कोटा से गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ में साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, अन्य सहयोगियों और संभावित पीडि़तों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
89 कोर्ट ऑर्डर में 1.03 करोड़ से अधिक राशि पर कार्रवाई
रतलाम साइबर सेल द्वारा अगस्त 2026 तक साइबर अपराध से संबंधित 89 कोर्ट ऑर्डर के तहत 1,03,21,402.46 रुपये की राशि के संबंध में कार्रवाई की गई है। इनमें 49 साइबर शिकायतों में 37,06,285.63 रुपये पीडि़तों को सफलतापूर्वक रिफंड करवाए जा चुके हैं।
सभी थानों पर साइबर डेस्क, म्यूल खातों और फर्जी सिम पर कार्रवाई
साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए जिले के सभी थानों पर साइबर डेस्क संचालित की जा रही हैं। पुलिस द्वारा बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर ठगी की रकम सुरक्षित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। म्यूल बैंक खातों के खिलाफ ‘ऑपरेशन मेट्रिक्स 2.0Ó और फर्जी सिम नेटवर्क के खिलाफ ‘ऑपरेशन फास्ट 2.0Ó के तहत कार्रवाई की जा रही है। थाना स्तर पर साइबर जांच को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
अनजान लिंक और ऑनलाइन मुनाफे के झांसे से बचें
रतलाम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन कमाई, निवेश, पार्ट टाइम जॉब या ऑनलाइन सेलिंग के नाम पर अनजान लोगों के कहने पर पैसे जमा न करें। ह्रञ्जक्क, क्कढ्ढ क्कढ्ढहृ, ्रञ्जरू क्कढ्ढहृ, ष्टङ्कङ्क, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें और संबंधित बैंक को भी सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से ठगी की राशि सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है।
ऑनलाइन वॉच सेलिंग के नाम पर 6.43 लाख की साइबर ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार, टेलीग्राम पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर कराई थी ठगी, हरिद्वार और कोटा से पकड़े गए आरोपी; 28 हजार रुपये नकद व मोबाइल जब्त
