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रतलाम में व्यापारियों ने सिस्टम की अर्थी निकाली, समिति सदस्य बोले- सांसद, विधायक का समर्थन; जावरा में बनने वाले ग्रीन फील्ड एक्सेस का विरोध

BySurendra Jain

Mar 3, 2025

खबर पक्की, 3 मार्च, रतलाम। जावरा-उज्जैन के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन का लगातार विरोध हो रहा है। सोमवार को विरोध करने वाली संघर्ष समिति सदस्यों के साथ प्रभावित व्यापारियों ने रतलाम में सिस्टम की अर्थी निकाली। एमपीआरडीसी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
संघर्ष समिति सदस्य दोपहर 1 बजे जिला पंचायत के बाहर एकत्र हुए। यहां से सिस्टम की अर्थी को कांधे पर रख आंबेडकर मैदान, रोटरी गार्डन, अंबेडकर सर्कल से होते हुए पैदल कोर्ट चौराहा पहुंचे। यहां नारेबाजी कर सिस्टम की अर्थी को जलाया। विरोध को देखते हुए पुलिस बल भी मौजूद रहा।
इसलिए हो रहा विरोध
जावरा-उज्जैन के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन का हिस्सा शहरी क्षेत्र में आ रहा है। इसमें भूतेड़ा से महू-नीमच हाइवे के बीच प्रस्तावित 7 ब्रिज बनने है। ब्रिज बनने से स्थानीय दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित होगा। इस कारण से स्थानीय व्यापारियों व दुकानदारों द्वारा विरोध किया जा रहा है। प्रभावित चाहते हैं कि ब्रिज की जगह रोटरी डेवलप होना चाहिए। इसके अलावा अन्य विकल्प भी तलाशना चाहिए।
विरोध में समिति के असलम मेव, जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़, राजेश पुरोहित, सुनील पोखरना, जगदीश सोलंकी, दिनेश नायमा, मुकेश बंबोरिया, रंजीत सिंघर, राजेश धाकड़, मुबारिक मामा, सिकंदर मेव आदि मौजूद रहे।
शासन ध्यान नहीं दे रहा
समिति के असलम मेव का कहना था कि सांसद, स्थानीय विधायक, नगर पालिका के सभी पार्षदों ने भी समर्थन दिया है। लेकिन शासन ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रीन फील्ड रोड से करीब 10 हजार लोग प्रभावित होंगे। ग्रीन फील्ड रोड के नियमानुसार बंजर या खेती की भूमि से गुजरने वाला रोड जावरा शहर के 7 किमी में सघन आबादी एवं रोजगार वाले क्षेत्र से गुजर रहा है। जो हमारी रोजी रोटी की समस्या एवं आर्थिक क्षति का कारण बनेगा। लोकतंत्र में जनता की आवाज को सुना नहीं जा रहा है। हम अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। इसी कारण हमे आज सिस्टम को मृत कहने को मजबूर होना पड़ा।
रोटरी बनाना चाहिए
विरोध कर रहे समिति सदस्यों का कहना था कि हम भी विकास के पक्षधर हैं, लेकिन रोड की बनावट जिसमें 7 किमी में 6 अण्डरपास/ब्रिज जो कि जमीन से 24 फीट उंचे रहेंगे। फोरलेन इंटरचेंज के निर्माण के कारण आर्थिक हानि हमें होगी। हम चाहते हैं कि इस 7 किमी में जमीन से फोरलेन का निर्माण कर चौराहों पर रोटरी बना दी जाए। ताकि हमारा व्यापार-व्यवसाय प्रभावित ना हो।
77 दिन से जारी है धरना
समिति में शामिल जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने बताया कि पिछले 77 दिन से उज्जैन बायपास पर जनसंघर्ष समिति द्वारा धरना दिया जा रहा है। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। ज्ञापन, पत्रों एवं प्रदर्शनों के माध्यम से कई विभागों, अधिकारियों व सत्ता पक्ष के नेताओं, भोपाल तक पत्राचार किया जा चुका है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे नहीं रहा है। इस कारण आज सिस्टम की अर्थी जलाने पर मजबूर होना पड़ा। सत्ता पक्ष के नेताओं की सरकार बात नहीं सुन रही है।

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