रतलाम। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन द्वारा रतलाम में संचालित कुपोषण मुक्त अभियान के तहत 15 जून तक 2312 में से 309 बच्चे कम वजन से सामान्य एवं 249 में से 47 बच्चे अति कम वजन से कम वजन की श्रेणी में आए है। यह प्रगति देखकर लगता है कि 280 आंगनवाडिय़ों के माध्यम से हो रही कुपोषण मुक्ति की यह पहल देश के लिए सबसे बड़ा प्रयोग होगी। इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की भागीदारी होना विभाग के लिए गौरव का क्षण बनेगी।
यह बात फाउण्डेशन अध्यक्ष, विधायक एवं राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष चेतन्य काश्यप ने कही। वे रंगोली सभागृह में आयोजित अभियान की कार्यकर्ता कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यशाला में श्री काश्यप ने रतलाम विधानसभा के 11 सेक्टरों में संचालित कुपोषण मुक्त अभियान की प्रगति पर हर सेक्टर से 3-3 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को पुरस्कृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि फाउण्डेशन द्वारा मासिक पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें शहर की दोनों परियोजनाओं के करीब 10 प्रतिशत कार्यकर्ता एवं सहायिका सम्मानित होंगे। कुपोषण से मुक्ति बहुत ही पुण्य का कार्य है। इसमें बच्चे को सिर्फ खाना खिलाने का ही काम नहीं होगा, अपितु उसके जीवन निर्माण करने का लक्ष्य भी पूरा होगा।
श्री काश्यप ने इस मौके पर अभियान के दौरान आ रही चुनौतियों एवं समस्याओं पर चर्चा करते हुए फाउण्डेशन के कार्यकर्ता का सहयोग लेने पर बल दिया। कार्यशाला में फाउण्डेशन द्वारा अभियान की प्रगति के लिए बनाए गए वेब एप का सोमेश पालीवाल द्वारा डेमो दिया गया। इस एप के माध्यम से कुपोषित बच्चों, उनके वजन, उपस्थिति और प्रगति की जानकारी दी जाएगी। आरंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुषमा भदौरिया ने अभियान के तहत किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। इससे पूर्व सहज योग संस्था के बृजराजसिंह सिसौदिया, चन्द्रकान्त विभूते, संजय दातार द्वारा सहज योग का कार्यक्रम हुआ। कार्यशाला में अभियान के फाउण्डेशन के निर्मल कटारिया, मनोहर पोरवाल सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका उपस्थित थे।