खबर पक्की, 15 फरवरी, रतलाम। ओझाखाली रामगढ़ कॉर्नर पर स्थित 130 साल पुराने भैरव मंदिर को जेसीबी से तोड़े जाने पर शुक्रवार दोपहर विवाद खड़ा हो गया। हिंदू संगठनों ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया और मंदिर तोडऩे वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंदिर तोडऩे के आरोपी के घर के बाहर मलबा रखवा दिया।
जानकारी मिलने पर एसडीएम अनिल भाना, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया और माणकचौक थाना प्रभारी अनुराग यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने विरोध कर रहे लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थिति को शांत किया। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने कहा, यह प्राचीन मंदिर था, जिसे तोड़ा गया है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मूर्ति को समय रहते बचाया
जानकारी के अनुसार, मंदिर को तोड़े जाने के दौरान भैरव जी की मूर्ति को समय रहते बचा लिया गया। हिंदू संगठन के पदाधिकारी गौरव शर्मा, रामबाबू शर्मा, मुकेश व्यास, आशु टांक, नीलेश सोनी, मोंटी जायसवाल समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। मंदिर के मलबे को जेसीबी से आरोपी के घर के बाहर रखवा दिया। इस दौरान घर की महिला ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
130 साल पुराना था मंदिर
हिंदू संगठनों के अनुसार, भैरव मंदिर 130 वर्ष पुराना और अति प्राचीन था, जिसमें प्याऊ भी था। मंदिर तोडऩे का आरोप पड़ोसी मकान मालिक पर लगाया जा रहा है, जिसका नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। बजरंग दल के रामबाबू शर्मा ने कहा, मंदिर के स्थान पर दुकान निकालने की साजिश के तहत यह तोडफ़ोड़ की गई है। हमारी मांग है कि मंदिर को पुन: उसी स्थान पर बनाया जाए और प्याऊ को भी पुन: संचालित किया जाए।
पुलिस ने मलबा हटवाने की कोशिश की
पुलिस ने मंदिर का मलबा हटाने के लिए जेसीबी मंगवाई थी, लेकिन हिंदू संगठनों के विरोध के चलते मलबा आरोपी के घर के सामने रखवाया गया। मंदिर तोडऩे की घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश है। हिंदू संगठनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है और मंदिर को उसी स्थान पर पुनर्निर्माण कराने की मांग की। पुलिस और प्रशासन ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
130 साल पुराने भैरव मंदिर को तोड़ा, हिंदू संगठनों का विरोध, आरोपी के घर के बाहर रखवाया मलबा
