खबर पक्की : 6 फरवरी रतलाम, जबरदस्त मद्दी की मार झेल रहे रियल एस्टेट व्यवसाय को मोहन सरकार ने 36000 वोल्ट का झटका दिया है। अब आपको अनुबंध के लिए ई स्टांप नहीं मिलेगा। जी हां आपने सही पढ़ा मोहन सरकार ने आईजी पंजीयन के माध्यम से सभी जिला रजिस्ट्रार को लिख दिया है कि कोई भी सर्विस प्रदाता यदि बगैर पंजीयन के अनुबंध हेतु ई स्टैंप निकाल कर देता है तो उसका सर्विस प्रदाता लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। इस आशय का लेटर जिला रजिस्ट्रार द्वारा सर्विस प्रदाताओं को भेज दिया गया है अब वह बगैर रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के ई स्टांप निकाल कर नहीं दे पाएंगे। और यदि वह देता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। अभी तक वास्तविक विक्रय मूल्य अलग होता है और रजिस्टर्ड विक्रय मूल्य अलग होता है गाइडलाइन के अनुसार और झगड़ा पड़ने पर वास्तविक मूल्य के आधार पर अनुबंध कोर्ट कचहरी में काम में आता है। किंतु अब गरीब आदमी जो मजबूरी में जमीन प्लाट मकान विक्रय करता है उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर पैसे वाले लोग गाइडलाइन के आधार पर उसको रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करने के लिए मजबूर करेंगे सरकार अपने फायदे के लिए गरीबों का गला घोटने पर तूली हुई है। और पहले से मरे हुए प्रॉपर्टी बाजार को पाताल लोक में धकेलना वाला फैसला साबित होगा सरकार का यह फैसला।

