खबर पक्की, 6 फरवरी, रतलाम। किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है अन्यथा शासन की योजनाओं का लाभ से वंचित रहेंगे। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का निरंतर लाभ प्राप्त करने के लिए भी फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। समर्थन मूल्य पर उपज बिक्री का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। फार्मर रजिस्ट्री के लिए कलेक्टर राजेश बाथम द्वारा निर्धारित कार्य योजना के तहत जिले के प्रत्येक पंचायत मुख्यालय में 7 फरवरी तथा 10 फरवरी को विशेष शिविर आयोजित कर फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। किसान बंधु उक्त शिविरों का लाभ उठाएं, शिविरों में आकर फार्मर रजिस्ट्री करवाये। शिविरों में फार्मर रजिस्ट्री के साथ ही आधार से आरओआर लिंकिंग का काम भी किया जाएगा।
अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण पहल करते हुए फार्मर रजिस्ट्री की शुरुआत की है। इस प्रणाली में हर एक किसान का एक विशिष्ट आईडी बनाया जा रहा है। फार्मर आईडी का उद्देश्य किसान की पहचान, जानकारी सुरक्षित रखना और नीतियों के का प्रभावी क्रियान्वयन करना है।
फॉर्मल रजिस्ट्री की सरल प्रक्रिया के तहत सर्वप्रथम अपने आधार से मोबाइल नंबर लिंक करना होगा, इसके बाद नजदीकी सीएससी केंद्र अथवा गांव के पटवारी के माध्यम से फॉर्म रजिस्ट्री करवा सकते हैं। व्यक्ति स्वयं द्वश्चद्घह्म्.्रद्दह्म्द्बह्यह्लड्डष्द्म.द्दश1.द्बठ्ठ पर जाकर मोबाइल नंबर से रजिस्टर कर आधार ओटीपी के माध्यम से भी फार्मर रजिस्ट्री कर सकते हैं। इसके अलावा एमपी ऑनलाइन, क्योंस्क सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर तथा डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण कार्य हेतु चिन्हित स्थानीय युवा के माध्यम से भी फार्मर रजिस्ट्री हो सकती है।
फार्मर रजिस्ट्री के लिए अपने साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे समग्र आईडी, आधार कार्ड, आधार में पंजीकृत मोबाइल नंबर, खसरा नकल, भू अधिकार पुस्तिका साथ लेकर शिविर में आए। इसके अलावा अन्य दिवसों में भी नजदीकी एमपी ऑनलाइन, क्योंस्क सेंटर पर जाकर अथवा डिजिटल क्रॉफ्ट सर्वेक्षण कार्य हेतु चिन्हित स्थानीय युवा के माध्यम से शीघ्र अति शीघ्र ई केवाईसी करवाये और शासन की योजना का लाभ प्राप्त करें।
