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धानासुता में आपसी विवाद के दौरान पीट पीट कर एक व्यक्ति की हत्या करने वाले दो आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा

BySurendra Jain

Dec 28, 2024

खबर पक्की, 28 दिसंबर, रतलाम। करीब चार वर्ष पूर्वसमीपस्थ ग्राम धानासुता में आपसी झगड़े में एक व्यक्ति के साथ लाठी डंडो से मारपीट कर उसकी नृशंस हत्या करने वाले दो आरोपियों रूघनाथ उर्फ भुरा पिता हिरालाल गायरी उम्र 43 वर्ष और मुबारिक शाह उर्फ लल्ला पिता याकूब शाह उम्र 56 दोनो निवासी ग्राम धानासुता थाना बिलपांक को जिला न्यायालय के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने हत्या के लिए दोषसिद्ध करते हुए धारा 302 भादवि में सश्रम आजीवन कारावास एवं 5000-5000रू अर्थदंड से दंडित किया गया।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी जी.पी.घाटिया ने बताया कि थाना बिलपांक पर पदस्थ सउनि केशरसिंह यादव को मर्ग जॉच हेतु प्राप्त हुई। मर्ग जॉच में मृतक रमेश पिता भागीरथ के शव का लाश पंचायतनामा बनाने हेतु साक्षी राजेश राठौर, सुरेश पण्डया, शिवनारायण मालवीय, गोपाल प्रजापत व नन्दलाल राठौड निवासीगण धानासुता को मर्चुरी रूम सीएच रतलाम में तलब कर उनकी उपस्थिति में शव पंचायतनामा लाश लिया गया। मृतक रमेश के शरीर पर बाँयी कोहनी व दाहिनी कोहनी के नीचे फेक्चर जैसी चोट व बांयी पसली व पीठ पर बॉये तरफ चोटों के निशान पाए गए।
पंचों की राय व शव पंचायतनामा के आधार पर मृतक रमेश की मौत मारपीट से होना पाए जाने पर पीएम फार्म जारी किया गया। मर्ग जांच के दौरान उसके द्वारा साक्षी राजेश पिता मदनलाल, दिलीप पिता मोहनलाल, मोहनलाल पिता हीरालाल गायरी निवासीगण धानासुता के कथन लिये गये जिसके आधार पर यह पाया गया कि मृतक रमेश को अभियुक्त भूरू उर्फ हीरालाल गायरी व लल्ला उर्फ मुबारिक निवासी धानासुता के द्वारा भूरु गायरी के खेत ग्राम धानासुता पर 3. अगस्त 2020 के दिन के 11-12 बजे के बीच हुए झगडे में अभियुक्तगण द्वारा जान से मार डालने की नियत से मृतक रमेश को चोटें पहुंचाई, जिसके बाद घायल रमेश को साक्षी राजेश राठौर, मोहनलाल गायरी, श्याम चौधरी व शब्बीर निवासीगण धानासुता द्वारा तूफान गाडी से इलाज हेतु जिला चिकित्सालय रतलाम ले जाया गया, जहाँ पर इलाज के दौरान रमेश की मौत हो गयी।
घटना स्थल का निरीक्षण, चश्मदीद साक्षियों के कथन, शव पंचायतनामा के आधार पर अभियुक्तगण भूरू उर्फ रूघनाथ गायरी एवं लल्ला उर्फ मुबारिक के विरूद्ध धारा 302, 34 भा.द.सं. का अपराध पाये जाने पर उनके विरूद्ध अपराध क्रं. 407/2020 पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण में आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियुक्तगण के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुए माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण को दोषसिद्ध किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी गोल्डन राय ने की।

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