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रतलाम में सड़क धंसने से कर्मचारी की मौत का मामला : ठेका एजेंसी की लापरवाही, नहीं दिए सुरक्षा उपकरण; जय मां वरूड़ी कंपनी के सुपरवाइजर पर केस

BySurendra Jain

Sep 23, 2024

खबर पक्की, 23 सितंबर, रतलाम। रतलाम में सीवरेज की सफाई के दौरान सड़क का हिस्सा धंसने के बाद मलबे में दबने से एक कर्मचारी की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने ठेका कंपनी के सुपरवाईजर पर केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने जांच में माना है कि एजेंसी की लापरवाही रही है। काम के दौरान कर्मचारियों को सेफ्टी उपकरण नहीं पहनाए गए। इससे कर्मचारी की मौत हुई है।
पुलिस ने सीवरेज सफाई का काम देखने वाली एजेंसी जय मां वरुड़ी कंस्ट्रक्शन के सुपरवाइजर देवेंद्र शर्मा पिता मुकेश शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है।
बता दे कि 16 सितंबर को शहर के दिलीप नगर में सीवरेज लाइन मेंटेनेंस कार्य के दौरान जेसीबी से खुदाई कर 10 फीट गहरा गड्?ढा खोदा गया। दो कर्मचारी गड्ढे में उतरकर काम कर रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे का हिस्सा धंस गया। मिट्?टी-पत्थर कर्मचारियों के ऊपर आ गिरे, इससे वे दोनों दब गए।
सूचना पर नगर निगम से फायर लॉरी, पुलिस बल पहुंचा। इसके पहले क्षेत्रीय रहवासियों ने दोनों कर्मचारियों को बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज भिजवाया। यहां डॉक्टरों ने सुनील (26) पिता मुन्नालाल गौहर निवासी सैफी नगर को मृत घोषित कर दिया था। जबकि बहादुर (28) पिता हेमराज डामोर निवासी हरथल (रावटी) घायल हो गया था।
घटना के अगले दिन 17 सितंबर को नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि गड्?ढे में उतारते समय ठेका कंपनी ने सुरक्षा के साधन नहीं पहनाए। हेलमेट और अन्य साधन होते तो सुनील की जान बच सकती थी। मृतक साथी के परिजन को एक करोड़ रुपए का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की थी। साथ नगर निगम में ठेका प्रथा को खत्म करने की भी मांग की।
ठेका कंपनी की बताई थी बड़ी लापरवाही
घटनाक्रम के बाद रतलाम आए मध्यप्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष प्रताप करोसिया ने भी निगम के सफाई कर्मचारियों ने मुलाकात की। सर्किट हाउस में बैठक के बाद महापौर प्रहलाद पटेल ने नगर निगम की ओर से मृतक के परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। सुनील की पत्नी को आउटसोर्स से नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी काम पर लौट गए।
करोसिया ने भी कहा था कि नियमानुसार सीवरेज के काम से पहले कर्मचारी को ट्रेनिंग दी जाती है। इस मामले में सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए, जो बड़ी लापरवाही है। निगम सिटी इंजीनियर की भी जिम्मेदारी बनती है।
प्राइवेट एजेंसी को दे रखा है काम
नगर निगम द्वारा सीवरेज सफाई का काम जय मां वरूड़ी एजेंसी को कॉन्ट्रैक्ट पर दे रखा है। हादसे के शिकार दोनों कर्मचारी इसी कंपनी के थे। पुलिस ने जांच में घटना के बाद मर्ग कायम किया था। अब बीएनएस की धारा 106(1), 125 (ड्ड), 290 में केस हत्या का केस दर्ज किया है।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष आंएगे रतलाम
सीवरेज सफाई के दौरान कर्मचारी की मौत के मामले में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष एम वेंकटेशन भी 25 सितंबर को रतलाम आएंगे। वह उस स्थान पर भी जाएंगे जहां घटना घटी है। कलेक्टर, एसपी, निगमायुक्त की उपस्थिति में बैठक भी लेंगे।

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