खबर पक्की : 10 सितंबर, रतलाम, होटल व्यवसायी जीतेन्द्र राठौड का अपहरण कर फिरौती मांगने के प्रकरण के आरोपी सुनील दुबे,चन्दू शिवानी सनी शिवानी रवि डफरिया मनोज वर्मा नटवर पाटिल सहित सभी हाई प्रोफाईल आरोपियों की आज मुख्य न्यायिक दंडाअधिकारी कोर्ट मयंक मोदी की अदालत में सुनवाई हुई जहा से उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक मोदी ने मामले को गंभीर पृवत्ति का मानते हुए जमानत अर्जी निरस्त कर दी ।
उक्त मामले में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी राजेंद्र सिंह सागर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक मोदी के न्यायालय में प्रस्तुत जमानत आवेदन पर लिखीत आपत्ति दर्ज कराई कि प्रथम सूचना रिपोर्ट एवं फरियादी के 161 द.प्र.स. के कथनो के आधार पर उचित धाराओं का समावेश न कर धारा 140(3) बीएनएस का
त्रुटिवश अपराध बनाया गया है।जब की मामला धारा 140(2) बीएनएस के तहत दण्डनीय होकर सेशन ट्रायल मामला है। जिस प्रकार आरोपियों द्वारा अपने सब के सामान्य आशय के अग्रसरण में अपराध किया गया है ऐसी स्थिति में आरोपीगण जमानत का लाभ प्राप्त करने के अधिकारी नहीं है। आरोपीगण द्वारा किया गया अपराध गंभीर प्रवृत्ति का होने से आरोपी गण को जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।
जिला अभियोजन द्वारा लगाई गई आपत्ति के पश्चात सभी आरोपियों के वकीलों द्वारा अपनी अपनी दलील पेश की गई। माननीय न्यायाधीश ने दोपहर पश्चात मामले में जमानत अर्जी निरस्त करते हुए रवि डफरिया व चंदू शिवानी को आपकी बीमारियों का ध्यान रखते हुए हॉस्पिटल इलाज के लिए भेजने का आदेश दिया है।
मामले में अगली तारीख 20 सितंबर नियत की गई है।
उल्लेखनीय है कि होटल व्यवसासी जीतेन्द्र राठौड की रिपोर्ट पर पुलिस ने रेलवे के रिटायर्ड टीसी सुनील दुबे,दलाल चन्दू शिवानी,सीए रवि डफरिया और सुधाकर मराठा समेत कुल सात लोगों के खिलाफ अपहरण और फिरौती मांगने का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था। जिसमें सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जिसमें सुधाकर राव मराठा 14 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं।
