खबर पक्की : 10 सितंबर रतलाम, ढेरों मशक्कत के बाद एफआईआर लिखने की पहचान रखने वाली रतलाम पुलिस ने जिस रफ्तार से जितेंद्र राठौर की f.i.r लिखने के बाद कार्रवाई की वह प्रथम दृष्टया हजम होती नहीं दिखाई दे रही लगता है यह पूरी कार्रवाई कहीं और से संचालित हो रही थी इसका सूत्रधार कोई और है जीसके इशारे पर बिजली की रफ्तार से f.i.r काट कर 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया और सुधाकर को फरार दिखाया ताकि यूपी के गैंगस्टर विजय दुबे की तरह उसका पार्ट 2 दोहराया जा सके और उसका एनकाउंटर किया जा सके लगता है कोई है जो चाहता था की सुधाकर का एनकाउंटर हो और जिसकी भनक सुधाकर गैंग को लग गई थी। यूपी के गैंगस्टर विजय दुबे की तरह उसका एनकाउंटर किया जा सकता है यही कारण है कि उसने अपने रतलाम आने का वीडियो वायरल कर बहुत आसानी से गिरफ्तारी दे दी और पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की अधिकृत सूचना देने के पूर्व ही मीडिया को भी यह खबरें दे दी गई के सुधाकर को गिरफ्तार कर लिया गया पर पुलिस सूत्रों ने पुष्टि नहीं की मीडिया में गिरफ्तारी की खबरें आने के कारण विजय दुबे एनकाउंटर का पार्ट 2 दोहराने की पुलिस की सारी तैयारी धरी के धरी रह गई। बहरहाल पुलिस की पूरी कार्रवाई एक मिस्ट्री पैदा कर रही है जो समय के साथ धीरे-धीरे परत दर परत खुलेगी।

