रतलाम। रविवार की सुबह जिले के बाजना जनपद पंचायत में सुपर सण्डे के रूप में मनाई गई। सरकारी अमला इस जनपद के चयनित 30 ग्राम पंचायतों में पहुंचा। आदिवासियों से सुबह-सुबह चर्चा कर खुले में शौच मुक्ति के लिए प्रेरित किया। सीईओ जिपं श्री सोमेश मिश्रा सुबह छह बजे शिवगढ़ होते हुए यहां से 10 किलोमीटर आगे रोड़ पर बसे गांव छावनी झोडिय़ा पहुंचे। मकसद आदिवासियों को खुले में शौच के दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा शत-प्रतिशत घरों में शौचालय बनवाना था। छावनी झोडिय़ा में ग्राम पंचायत परिसर में गांव वालों को इक_ा किया गया। सीईओ ने पारिवारिक लहजे में बात करते हुए ग्रामीणों को अपने घरों में शौचालय निर्माण की समझाईश दी।
छावनी झोडिय़ा में अभी 141 शौचालय घरों में निर्मित किए जा चुके है, लेकिन 266 शौचालयों का निर्माण बाकी है। सीईओ जिपं श्री सोमेश मिश्रा ने ग्रामीणों को अपनत्व भाव के साथ शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप लोग शौचालय बनाकर अपने घर की इज्जत रखेंगे। अब जैसे प्रधानमंत्री आवास की आप लोग मांग करने लगे हैं। ऐसी ही जाग्रति आपकों शौचालय निर्माण के लिए भी रखनी चाहिए। इसके लिए आपको पैसे दिए जा रहे हैं। अपने गांव की शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति शौचालय निर्माण में भी करना है। खुले में शौच करने से कई बीमारियों को आप आमंत्रित करते हैं। बरसात का पानी खुले में शौच पर गिरता है, वही पानी इसके बाद आपके पेयजल स्त्रोत में जा मिलता है। धीरे-धीरे ग्रामीण आदिवासियों को बात समझ में आने लगी, वह मौजूद स्थानीय आदिवासी जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों को जोर देकर समझाया कि सबको अपने घरों में शौचालय जरूर बनवाना है। सीईओ श्री मिश्रा ने मौजूद सभी ग्रामीण आदिवासियों को संकल्प दिलाया कि आगामी 20 जून तक सभी ग्रामीण अपने घरों में शौचालय का निर्माण अवश्य करवा लेंगे। इस दौरान गांव की महिला सरपंच तथा बाजना जनपद सीईओ श्री आर.के चौहान तथा ग्रामीण विकास विभाग का स्थानीय अमला उपस्थित था।
इस गांव चौपाल में सीईओ श्री मिश्रा ने प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण पर भी चर्चा करते हुए ग्रामीणों से कहा कि अपने स्वीकृत आवासों का निर्माण जल्दी से पूरा करें। इस क्षेत्र में ग्रामीणों की आदत है कि वे छत के निर्माण में ज्यादा देरी लगाते हैं। इस आदत को समाप्त करते हुए आपको मिला आवास शीध्र पूरा कर ले जितनी जल्दी जिले के स्वीकृत आवास पूर्ण होंगे, आगे उतने ही जल्दी अतिरिक्त संख्या में जिले को भारत शासन से आवास मिलेगे, जिससे बचे जरुरतमंदों की जरुरत भी पूरी की जा सकेगी। सीईओ ने ग्रामीण आदिवासियों को पेड लगाने के लिये भी समझाईश दी।
उल्लेखनीय है कि रतलाम जिले को खुले में शौच से मुक्त करने के अभियान में बाजना तथा सैलाना विकासखण्डों का ओडीएफ होना बाकि है। सैलाना में लगभग 1163 शौचालयों का निर्माण करना बचा है, वही बाजना विकासखण्ड में 7200 शौचालयों का निर्माण शेष है। जिले की रतलाम, पिपलौदा, जावरा तथा आलोट जनपद पंचायतें खुले में शौच से मुक्त घोषित की जा चुकी हैं।
बाजना की 30 जनपद पंचायतों में सरकारी अमले द्वारा शौचालय निर्माण की समझाईश
सुपर सण्डे आयोजन के तहत बाजना विकासखण्ड के 30 चयनीत ग्राम पंचायतों में सरकारी अमले ने सुबह-सुबह आदिवासियों से चर्चा कर घरों में शौचालय निर्माण की समझाईश दी। गांव चौपाल रखकर शौचालय निर्माण हेतु प्रेरित किया। इन ग्राम पंचायतों में अभी लक्ष्य की तुलना में कम संख्या में शौचालय निर्मित हुए हैं। भ्रमण दलों में जावरा, पिपलौदा, रतलाम तथा आलोट जनपद पंचायतों के ग्रामीण विकास के उत्कृष्ट कर्मचारी सम्मिलित थे। एसडीएम श्रीमती लक्ष्मी गामड ग्राम राजापुरा तथा पालियाघाटा, अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत श्री दिनेश वर्मा भडानकला तथा जिला समन्वयक स्वच्छता अभियान श्री अवधसिंह अहिरवार गढ़ीकटाराकला ग्रामों में पहुंचे। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिये दल गठित किए गए थे। एक दिन स्वच्छता के नाम अभियान के तहत म्हारो बाजना स्वच्छ बाजना, सब चले बाजना-स्वच्छ बनाएं बाजना का स्लोगन जारी किया गया था।
बाजना जनपद पंचायत में मनाया गया सुपर सण्डे, खुले में शौच से मुक्ति का अलख जगाने प्रात: छह बजे ग्राम छावनी झोडिय़ा पहुंचे सीईओ जिला पंचायत
