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रविवार को मंडियां रही बंद, सब्जी बाजार पर दिखा असर

BySurendra Jain

Jun 3, 2018

भोपाल। किसानों द्वारा किया जा रहा गांव बंद आंदोलन के तीसरे दिन भी राजधानी में शांति रही। रविवार होने के कारण भी मंडियों में ताले नजर आए और कामकाज बंद रहा।
सब्जी मंडियों में भी आंशिक रूप से प्रभाव जरूर पड़ा है। जानकारी के अनुसार राजधानी में प्रतिदिन करीब 10 हजार क्विंटल की आवश्यकता होती है।
करीब 6 से 7 हजार क्विंटल तरकारी पूर्ति ग्रामीण क्षेत्रों से ही होती है। बाकी शहर के आसपास के इलाकों से थोक-फुटकर सब्जी व्यापार किया जाता है। प्रतिदिन आपूर्ति के हिसाब से रविवार को सब्जी की आवक कम रही। इसी कारण थोक और फुटकर बाजार के दामों में इजाफा दिखाई दिया।
मुरैना में टमाटर का भाव हुआ दोगुना, भिंड में कंट्रोल रूम बनाया
ग्वालियर। ग्वालियर चंबल संभाग में किसान आंदोलन गांव बंद का तीसरे दिन भी कोई खास देखने को नहीं मिला। मुरैना में जरूर टमाटरों के भाव दोगुना हो गए तो वहीं भिंड प्रशासन ने कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी है। शिवपुरी-श्योपुर में प्रशासन को छोड़कर इस आंदोलन को कोई सुगबुगाहट नहीं है। ज्यादातर जिलों में प्रशासन ने छह जून की तैयारियां जरूर शुरू कर दी हैं।
मुरैना में मध्यप्रदेश किसान सभा ने मंदसौर में पिछले 6 जून का पुलिस की गोली से मरे किसानों की बरसी पर जिलेभर की मंडियों में आंदोलन करने की सूचना प्रशासन को दी है। इसलिए प्रशासन व पुलिस इसकी व्यवस्थाएं कर रहा है। हालांकि एहतियात के तौर पर जिले की सभी कृषि उपज मंडियों में पुलिस 1 मई से ही तैनात कर दी गई थी, जिससे अव्यवस्था न फैले। रविवार को भिंड प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया है।
कंट्रोल रूम में 24 घंटे अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मुरैना में तीसरे दिन सब्जी मंडी में टमाटरों की कीमत पर आंदोलन का असर जरूर नजर आया। क्योंकि अन्य सब्जियां तो अंचल में मिल जाती हैं, लेकिन टमाटर बाहर से आता है। इसलिए बाहर से टमाटर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस वजह से 10 रुपए से 15 रुपए किलो के बीच में बिक रहे टमाटर की कीमतें सीधे 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है।

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