खबर पक्की, 16 मई, रतलाम। माननीय न्यायमूर्ति श्री संजीव खन्ना भारत के सर्वोच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली (नालसा) तथा सदस्य सचिव, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 16 मई को श्रीमान् राकेश मोहन प्रधान, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जि.वि.से.प्रा. रतलाम के द्वारा रतलाम स्थित सर्किल जेल का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश ने सर्किल जेल के विभिन्न बैरक में निरुद्ध बंदीगण के रहन-सहन, खान-पान, साफ सफाई, स्वास्थ्य, विधिक सहायता आदि विषयों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने महिला बैरक का भी निरीक्षण कर निरुद्ध महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने जेल में स्थापित पाठशाला, रसोई घर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, डिस्पेंसरी आदि का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बंदियों को विशेषज्ञ सलाह हेतु शुरू की जा रही टेलीमेडिसिन की सुविधा के बारे में जानकारी ली।
प्रधान जिला न्यायाधीश महोदय द्वारा बंदियों को समझाईश दी गई कि हम अपने जीवन में कुछ अच्छा करने के लिए आये जेल से बाहर जाने के बाद अपने जीवन में बदलाव जरूर करें। प्रधान जिला न्यायाधीश ने नशे के आदी बंदियों के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर काउंसलिंग की सुविधा सुनिश्चित किए जाने के आदेश प्रसारित किए। निरीक्षण के दौरान जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजय कुमार जैन एल.ए.डी.सी.एस के समस्त अधिवक्तागण, जेलर बृजेश मकवाना समस्त स्टॉप सहित उपस्थित रहे।
प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा किया गया जिला जेल का औचक निरीक्षण
