खबर पक्की, 20 अप्रैल, ग्वालियर। ग्वालियर शहर में शुक्रवार रात एजी पुल के पास बनी संगम वाटिका में भड़की आग से रंग महल गार्डन और बैंक्वेट भी जल गए। घटना के समय संगम वाटिका में हल्दी – मेहंदी का कार्यक्रम चल रहा था।
आग करीब 8:45 बजे लगी और कुछ ही देर में 30 बीघा में फैले मैरिज गार्डन और बैंक्वेट को चपेट में ले लिया। सवा 2 घंटे में रात 11 बजे तक सब कुछ जल चुका था। धुआं का गुबार ऐसा था कि लोगों का दम घुट रहा ?था। संगम गार्डन में कैटरिंग सर्विस के 25 कर्मचारियों के साथ हल्दी
मेहंदी सेरेमनी में आए मेहमान भी मौजूद थे। सभी बाहर की ओर भागे।
अच्छी बात यह है कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी संज्ञान लेते हुए रात में ही अधिकारियों को निर्देश दिए।
ग्वालियर के एजी ऑफिस पुल के पास शहर के दो सबसे बड़े व पॉश मैरिज गार्डन हैं। संगम वाटिका गार्डन, उसके पास ही रंगमहल गार्डन है। शुक्रवार को संगम गार्डन में शहर के अधिकारी एसएस तोमर के घर में शादी का कार्यक्रम चल रहा था। संगम गार्डन से हल्दी-मेंहदी का कार्यक्रम था। शाम 8 बजे के लगभग संगम गार्डन में अचानक ्रष्ट के कम्प्रेशर में ब्लास्ट होने से वहां आग लग गई। चंद मिनट में आग ने वहां पूरे गार्डन को अपनी गिरफ्त में ले लिया। जिस समय आग लगी वहां कैटरिंग सर्विस के 25 कर्मचारियों के अलावा करीब आधा सैकड़ा लोग मौजूद थे। एक के बाद एक तीन ्रष्ट में ब्लास्ट होते ही अंदर गार्डन में भगदड़ मच गई। सभी लोग बाहर गेट की तरफ भागे हैं। समय रहते अंदर गार्डन से लोग बाहर निकल गए हैं। इसके बाद आग ने गार्डन में जमकर तांडव मचाया है। अंदर दो से तीन सिलेंडर ब्लास्ट होने का भी पता लगा है।
संगम से रंग महल गार्डन में पहुंची आग, फंसे कर्मचारी
अभी फायर ब्रिगेड के कर्मचारी संगम गार्डन में लगी आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे कि तभी हवा से आग तेजी से फैली और रंग महल गार्डन में आग लग गई। यहां काफी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। जो अंदर फंस गए। दमकल दस्ते और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर दीवारों को तोड़कर आग पर काबू पाया और रेस्क्यू किया है। रात 12 बजे तक 35 फायर ब्रिगेड पानी लग चुका था। आसपास के शहर मुरैना, दतिया व भिंड से भी फायर ब्रिगेड ग्वालियर बुला ली गई थीं। एयरफोर्स व टेकनपुर का बल भी मौके पर आ गया था।
बेटे को तलाशती पहुंची मां, घबराई थी सुरक्षित देखकर ली राहत की सांस
घटना का पता चलते ही लश्कर निवासी सरिता अग्रवाल रंग महल गार्डन पहुंची। उनको उनके बेटे शुभम अग्रवाल का फोन आया था कि वह अंदर आग में फंस गया था। शुभम का गार्डन में कूलर व ्रष्ट का काम है। पर समय रहते एसडीआरएफ व दमकल की टीमों ने शुभम व उसके साथी कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया। बेटे को देखकर सरिता की जान में जान आई है। अंदर से बाहर आने के बाद शुभम ने बताया है कि अंदर आग काफी भयंकर थी। वो अपने साथियों के साथ फंस गया था, लेकिन समय रहते बाहर निकल आए हैं।
फॉम, प्लास्टिक व कपड़े का था सामान तेजी से फैली आग
मैरिज गार्डन में बहुत तेजी से फैली है। करीब 40 मिनट में आग ने दोनो गार्डन को अपनी गिरफ्त में लेकर जला दिया है। मैरिज गार्डन में पूरा निर्माण लकड़ी, फॉम, प्लास्टिक, कपड़े का था। जिससे एक बार आग लगने के बाद उसे बुझाना मुश्किल हो गया था।
दो मैरिज गार्डन में लगी भीषण आग : संगम वाटिका में था हल्दी-मेहंदी का कार्यक्रम, घटना के समय मौजूद थे एक सैकड़ा लोग
