रतलाम। छत्रीपुल टूटने के बाद कलेक्टर कार्यालय वाले मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए नगर निगम से कलेक्टर कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर मच्छी दरवाजे के समीप एक वैकल्पिक मार्ग बनाया जा रहा है। लेकिन 2 महीने में पूरा होने वाला यह ब्रिज 4 महीने में भी पूरा नही हुआ है। बरसात आने तक भी इस डायवर्शन पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया ऐसे में इस पुल निर्माण का क्या औचित्य रह जाता है। यातायात दबाव को देखते हुए 35 लाख रुपए की लागत से बनाये जा रहे इस वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कार्य बरसात आने तक भी पूर्ण नहीं हो पाया जबकि इस मार्ग पर आए दिन ट्राफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। प्रशासन ने ताबड़तोड़ में पुल निर्माण की अनुमति देकर जल्द कार्य पूरा करने का निर्देश दिए थे लेकिन महीनों से मंथर गति से चल रहा है। इस कारण अभी तक भी पूर्ण नहीं हो पाया है और आमजन आज भी परेशान हो रहे हैं। जनता की गाढ़ी कमाई के 3500000 लगाने के बाद भी अगर यह पुल 35 दिन भी उपयोग नहीं आ पाएगा तो क्या औचित्य है ऐसे वैकल्पिक पुल का। लेकिन जिम्मेदार है कि कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं।
