खबर पक्की, (कमल पाटनी) रतलाम। प्रार्थी के रंजीत विलास पैलेस, जैन कॉलोनी, स्थित सूरजपोल के भूखण्ड क्रमांक 2 पर भवन निर्माण अनुज्ञा के लिए के लिए आवेदन दिनांक 29.12.2022 को किया गया था। जो कि आज दिनांक तक लंबित है। सिटी इंजीनियर एवं असिस्टेंट इंजीनियर के द्वारा विभिन्न समय पर विभिन्न कारण बताकर इसे विधि विरुद्ध लंबित किया जा रहा है। श्री जायसवाल जी लंबे समय से इस पद पर कायम रहकर अपने व्यवहार से आतंक फैलाकर जनता को परेशान कर रहे हैं। कृपया नगर एवं जनहित में श्री जायसवाल जी को अन्यत्र स्थानान्तरित करे एवं किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति करे जो निष्पक्ष रुप से कार्य कर आम जनता को भवन निर्माण करने में सहयोग प्रदान करे एवं जनता को राहत प्रदान करे।
नगर निगम, रतलाम द्वारा प्रारंभ से लेकर आज दिनांक तक दी गई भवन निर्माण की अनुमति के अनुसार शहर में कोई भवन नहीं बना है, ना ही आज दिनांक तक नगर निगम द्वारा किसी भवन के खिलाफ कोई कार्यवाही की गई है। अनुमति के अनुसार किसी भी भवन मालिक के द्वारा निर्माण के पूर्ण होने की सूचना निगम को नहीं दी गई एवं उपयोग में लाने की अनुमति के बिना ही उसका उपयोग प्रारंभ कर दिया जाता है।
अतः यदि अनुमति मिलने के बाद यदि उसकी शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है और ना ही निगम के अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है तो फिर भवन निर्माण की अनुमति प्राप्त करने का औचित्य ही क्या है? क्यों न इसे समाप्त कर लिया जाये। हाल ही में मुख्यमंत्री महोदय द्वारा 2000 स्क्वेयरफीट के मकान पर अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं बताई गई है। अतः शहर की जनता के हित में अनुमति लेने की अनिवार्यता समाप्त की जाना चाहिए।
इसी संबंध में कुछ उदाहरण आपके सम्मुख रख रहा हूँ जिसका संज्ञान ले ताकि आपको भी ज्ञात हो श्री जायसवाल एवं उनकी टीम द्वारा अनेक अनावश्यक कारण बताकर अनेक लोगों के भूखण्डों पर भवन निर्माण की अनुमति को लंबित किया जा रहा है। जिनके प्रमाण पत्र के साथ संलग्न है।
अनुमति दिये जाने में विलम्ब का कारण भूखण्ड के. 1 जैन कॉलोनी आवेदक श्री रत्नसार लुनिया नहीं है। उच्च न्यायालय का आदेश उपलब्ध भूखण्ड कं. 4 जैन कॉलोनी आवेदक श्री विनिता मूणत एवं अन्य उच्च न्यायालय के आदेश के बिना ही भेदभाव पूर्वक कार्यवाही कर भवन निर्माण की अनुमति दे दी गई है। जो कि जांच का विषय है। (अनुमति आपके संज्ञान हेतु संलग्न है) भूखण्ड क. 5 जैन कॉलोनी आवेदक श्री हरषेन् दु भरगट एवं अन्य उच्च न्यायालय के आदेश के बिना ही भेदभाव पूर्वक कार्यवाही
कर भवन निर्माण की अनुमति दे दी गई है। जो कि जांच का विषय है। भूखण्ड कं. 1 सूरजपोल आवेदक श्री अखिलेश गुप्ता नहीं हुई है परमिशन नहीं दी जा सकती है। कॉलोनी नगर निगम को हेण्डओवर भूखण्ड क. 2 सूरजपोल आवेदक श्री अर्पित पाटनी एवं अर्पिता पाटनी आदेश के तहत आपके भूखण्ड के साईज को रजिस्ट्रार से संशोधन करावे। लोक अदालत के भूखण्ड कं. 5 सूरजपोल आवेदक श्री अजमेरा स्टील प्रा.लि. महेन्द्र कुमार अजमेरा….. कॉलोनी
नगर निगम को हेण्डओवर नहीं हुई है परमिशन नहीं दी जा सकती है। भूखण्ड कं. 18 एवं 19 सूरजपोल आवेदक श्री बाबूलाल जी मूणत एवं अन्य कॉलोनी नगर निगम को हेण्डओवर नहीं हुई है परमिशन नहीं दी जा सकती है।
महोदय, उक्त समस्त भूखण्ड धारियों को अलग-अलग कारण बताकर अनुमति देने में विलम्ब किया जा रहा है। किसी एक का कारण पूर्ण होने पर क्या उसे अन्य कारण से अनुमति देने में विलम्ब नहीं किया जायेगा। कृपया इस बारे में नगर निगम में प्रचलित नियम अधिनियम के बारे में सारी जानकारी सूचना के अधिकार 2005 के अंतर्गत उपलब्ध करावे एवं नगर की जनता जो कि श्री जायसवाल जी एवं अन्य के द्वारा प्रताड़ित है उन्हें अन्यत्र स्थानान्तरित कर किसी योग्य एवं निष्पक्ष अधिकारी को विभाग का कार्य सौपे ताकि आम जनता जो कि पिछले 2 वर्षों से भवन निर्माण बनाने के लिए परेशान हो रही है उन्हें इससे राहत मिल सके।

