खबर पक्की, 19 मार्च, रतलाम। नाहरपुरा क्षेत्र से घर से अचानक 14 वर्षीय बालिका के गायब होने पर सनसनी फैल गई। परिजनों ने खोजबीन की। नहीं मिली। शहर के माणकचौक थाने में किडनैप का केस दर्ज होने के बाद पुलिस भी सरगर्मी से तलाश में जुटी। देर शाम बालिका को इंदौर के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर एक स्टॉल पर पानी की बोतल और चिप्स खरीदते जीआरपी पुलिस ने देखा। जीआरपी पुलिस ने बालिका को कब्जे में लेकर रतलाम पुलिस के साथ परिजन को सूचना भेजी।
माणकचौक थाने से प्राप्त जानकारी के परिजनों ने 14 वर्षीय बालिका के अपहरण का अज्ञात व्यक्ति पर शंका जाहिर करते हुए केस दर्ज कराया। थाने में शिकायत की मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे बालिका कनिष्का घर में थी और अचानक से लापता हो गई। कनिष्का की सहेली और आस-पड़ोस में खोजबीन करने के बाद परिजनों ने पुलिस की मदद ली। पुलिस ने प्रारंभिक रूप से अज्ञात के खिलाफ किडनैप का केस दर्ज किया।
पुलिस व परिजनों ने शहर के सीसीटीवी कैमरे खंगालना शुरू किए। दोपहर करीब 12.20 बजे बालिका कॉलेज रोड से मैजिक वाहन में बैठती नजर आई। मैजिक के नंबर के आधार पर चालक की तलाश की। मैजिक चालक दशरथ राठौड़ ने पुलिस को बताया कि बालिका को रेलवे स्टेशन पर उतारा। किराया देने के दौरान बालिका ने दशरथ से पूछा था कि इंदौर की ट्रेन कहां से मिलेगी और टिकट कहां मिलेगा। तब दशरथ ने बालिका को बताया कि टिकट अंदर काउंटर से मिलेगा। इसके बाद बालिका वाहन से उतरी। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर जाते हुए मैजिक चालक दशरथ राठौड़ ने उसे देखा था।
स्थानीय पुलिस ने इंदौर जीआरपी पुलिस से दोपहर में 1 बजे रतलाम से प्लेटफॉर्म नंबर-2 से इंदौर जानी वाली डेमू ट्रेन को तलाशने के लिए कहा। सूचना मिलने पर इंदौर जीआरपी पुलिस को अचानक एक स्टॉल पर रतलाम से लापता हुई बालिका दिखाई दी। इंदौर जीआरपी ने रतलाम माणकचौक पुलिस को बालिका के मिलने की जानकारी दी। देर शाम को बालिका के परिजन रतलाम पुलिस के साथ इंदौर पहुंचे हैं।
इंदौर जीआरपी को ऐसे मिली सफलता
इंदौर जीआरपी को रतलाम से बालिका के लापता होने की जब जानकारी पहुंची तो उक्त ट्रेन जिससे बालिका के इंदौर जाने की शंका थी, वह ट्रेन महू के लिए रवाना हो चुकी थी। इस दौरान इंदौर जीआरपी के लिए चुनौती सामने खड़ी हो गई थी कि बालिका को अब वह कैसे खोजेंगे।
इसी दौरान इंदौर जीआरपी के प्रधान आरक्षक नीरंजन मीणा को ड्यूटी के दौरान उक्त बालिका एक स्टॉल पर पानी की बोतल और चिप्स खरीदते हुए नजर आई। प्रधान आरक्षक ने महिला आरक्षक हीरू रावत, रेशमा माखिया के साथ मिलकर उक्त बालिका तक पहुंचे और उससे चर्चा कर उसे थाने ले आए। बालिका के पास नकदी 1530 रुपए भी मिले, लेकिन बालिका ने इंदौर जीआरपी को नहीं बताया कि वह बिना बताए घर से अकेले क्यों इंदौर पहुंची।
बालिका सकुशल मिल गई
एएसपी राकेश खाखा ने बताया बालिका इंदौर रेलवे स्टेशन पर सकुशल मिल गई है। बालिका के घर से बिना बताए लापता होने के संबंध में उसने अभी कोई जानकारी नहीं दी है। रतलाम पुलिस परिजन के साथ इंदौर बालिका को लेने गई है। बालिका को रतलाम लाने के बाद विवेचना के दौरान जानकारी जुटाई जाएगी कि आखिर बालिका किन कारणों से घर से बिना बताए इंदौर गई।
