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पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत शहरी आशाओं का उन्मुखीकरण किया गया

BySurendra Jain

Feb 28, 2024

खबर पक्की, 28 फरवरी, रतलाम। जिले के शासकीय नर्सिंग कॉलेज पर शहरी आशाओं को पीसी और पीएनडीटी अधिनियम के विषय में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर बी.एल. तापडिय़ा ने बताया कि पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम लागू है।
अधिनियम के अंतर्गत गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव से पहले चिकित्सक द्वारा लिंग परीक्षण करने पर पहली बार किए गए अपराध पर 3 साल तक का कारावास और 10 हजार रुपये तक का जुर्माना, दूसरी बार किए जाने वाले अपराध के लिए 5 साल तक का कारावास और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाना प्रावधान है। आरोप तय होने पर लिंग परीक्षण करने वाले चिकित्सक का पंजीयन निलंबित करने का प्रावधान है। गर्भवती महिला अथवा उसके परिवार के सदस्य एवं अन्य लोगों के लिंग परीक्षण के लिए उकसाने पर अपराध के लिए 5 साल तक का कारावास तथा 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
नोडल अधिकारी ने शहरी आशाओं को बताया कि लोगों को लिंग समानता के प्रति जागरूक करें, कन्या शिशु को भी समान महत्व दिए जाने के लिए समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें, लिंग के आधार पर समाज में भेदभाव ना हो, उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं प्रथम त्रैमास में रजिस्ट्रेशन करने एवं उनके गर्भपात कराने की स्थिति में सतत निगरानी रखने एवं इसकी सूचना प्रदान करने के लिए कहा। प्रशिक्षण के दौरान अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी, शहरी आशा कार्यकर्ता आदि उपस्थित रहे।

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