रतलाम। 2018 के आने वाले विधानसभा चुनाव में जय आदिवासी युवा शक्ति अर्थात जयश निर्धारित करेगा कि कौन यहां से विधानसभा में जाएगा उल्लेखनीय है कि जय आदिवासी युवा शक्ति नाम के संगठन आदिवासियों में अपनी गहरी पैठ बनाई है राष्ट्रीय स्तर के इस संगठन की जिले में काफी गहरी जड़ें है और यह संगठन आदिवासी समाज को निरंतर सशक्त और संगठित कर रहा है इस संगठन के जिला प्रमुख डॉक्टर अभय ओहरी ने बताया की सभी राजनीतिक पार्टियां आदिवासी समाज के ऐसे लोगो को टिकिट देने में तरजीह देती हैं जो उनके नेतृत्व की हा में हा मिलाये यही कारण है की आजादी के 70 साल बाद भी आदिवासी समाज अपेक्षित तरक्की और विकास नहीं कर पाया है यही कारण है कि हमारा संगठन ने निर्णय लिया है कि जो भी पार्टी हमारे संगठन से अच्छे पढ़े-लिखे लोगों को टिकट देगी तो हम उसे समर्थन देंगे और जीता के लाने की गारंटी लेंगे और यदि पार्टियां संगठन की भावना का निरादर कर जीहजुरियो को ही टिकिट देती है तो हम अपने संगठन से अपना उम्मीदवार खड़ा करेगे जो समाज के युवाओं के हक के लिये ताकत से लड़ सके। अभय ओहरी शासकीय चिकित्सालय में चिकित्सक है जब उनसे पूछा गया कि क्या स्थापित पार्टियां यदि उनको टिकट ऑफर करेगी तो वह चुनाव लड़ेगे तो उन्होंने जवाब दिया क्यों नहीं सम्मानित तरीके से पार्टियां चुनाव के लिए टिकट देती है तो मैं अपनी शासकीय नौकरी छोडक़र अपने समाज की सेवा के लिए अवश्य चुनाव लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के सर्मथन के बगैर इस बार रतलाम ग्रामीण से कोई भी पार्टी चुनाव नहीं जीत पाएगी।यह मेरा दावा है।
